दीक्षा बोकारो, आईआईटी आईएसएम धनबाद में “मोस्ट इनोवेटिव आइडिया” अवॉर्ड से सम्मानित
बोकारो, जनवरी, 2026: डालमिया भारत लिमिटेड की कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) इकाई, डालमिया भारत फाउंडेशन (डीबीएफ) ने अपनी स्किल डेवलपमेंट पहल दीक्षा बोकारो के जरिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। दीक्षा बोकारो के छात्रों को नेशनल स्टार्टअप डे के अवसर पर आईआईटी आईएसएम धनबाद में “मोस्ट इनोवेटिव आइडिया”अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान बेकार और जले हुए इंजन ऑइल का इस्तेमाल करके तैयार किए गए एक अनोखे “यूज़्ड इंजन ऑइल” से चलने वाले चूल्हे के सफल विकास के लिए दिया गया, जो ऊर्जा उपयोग का एक टिकाऊ और किफायती समाधान पेश करता है। इस पुरस्कार समारोह में धनबाद के उपायुक्त श्री आदित्य रंजन, जाने-माने उद्यमी, झारखंड उद्यमी संघ और अटल कम्युनिटी इनोवेशन सेंटर (एसीआईसी) के प्रतिनिधि सहित कई प्रतिष्ठित लोग मौजूद रहे।
इस केंद्र के शुरुआत वर्ष 2023 में एसएआईएल के सहयोग से की गई थी, जहाँ पाँच अलग-अलग ट्रेड्स में स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग दी जाती है। स्थापना के बाद से अब तक यह केंद्र 1,000 से ज्यादा युवाओं को प्रशिक्षण दे चुका है और यहाँ 75 प्रतिशत से अधिक का सेटलमेंट रेट हासिल किया गया है।
इस अवॉर्ड की यात्रा को नई रफ्तार तब मिली, जब एमएसएमई चेयरमैन श्री शशि भूषण श्रीवास्तव ने दीक्षा बोकारो का दौरा किया। उन्होंने प्रशिक्षुओं के काम को सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद आईआईटी आईएसएम धनबाद का ध्यान इस पहल की ओर गया। इसके बाद 15 दिसंबर, 2025 को दीक्षा बोकारो में एक नेशनल इंडस्ट्रियल एग्ज़ीबिशन-कम-सेमिनार का आयोजन किया गया।
ऑनलाइन प्री-इवैल्यूएशन के बाद कड़े राष्ट्रीय स्तर के मूल्यांकन में इस प्रोजेक्ट का चयन किया गया। इस पुरस्कार विजेता प्रोजेक्ट को प्रशिक्षु समीर बहादुर, विशाल कुमार और साहिल कुमार ने प्रशिक्षक श्री रामानुज शर्मा के तकनीकी मार्गदर्शन में तैयार किया, जिसमें दीक्षा टीम का पूरा सहयोग रहा। इस नवाचार के लिए दीक्षा बोकारो को प्रशस्ति पत्र के साथ 35,000 रुपए की नकद राशि भी प्रदान की गई।
इस पहल पर अपनी बात रखते हुए डीसीबीएल, बोकारो के यूनिट हेड श्री सुनील कुमार के. भुसारी ने कहा ,:डालमिया भारत के लिए यह गर्व की बात है कि दीक्षा के छात्रों को एक ऐसे नवाचार के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली, जो पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ जमीन से जुड़ा और व्यावहारिक भी है। यह उपलब्धि हमारे उस दीर्घकालिक संकल्प को दर्शाती है, जिसमें हम सिर्फ प्रशिक्षण तक सीमित न रहकर कौशल आधारित शिक्षा के जरिए ग्रामीण युवाओं में नवाचार, समस्या समाधान और
उद्यमिता की सोच को बढ़ावा देते हैं। छात्रों की यह सफलता यह भी दर्शाती है कि हम संरचित मार्गदर्शन और उद्योग से जुड़े प्रशिक्षण के माध्यम से कौशल आधारित और टिकाऊ समाधानों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
दीक्षा जैसी पहलों के माध्यम से डालमिया भारत फाउंडेशन कौशल विकास और नवाचार के पूरे माहौल को मजबूत कर रहा है, जिससे ग्रामीण युवाओं को नए अवसर मिल सकें, वे आजीविका बना सकें और सतत विकास में सार्थक योगदान दे सकें।
