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1076 बहालियां, हर प्रखंड में पदाधिकारी, बजट 20 साल में 3.53 करोड़ से बढ़कर 1041 करोड़ – मंत्री

अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के मंत्री जमा खान ने प्रेस वार्ता के दौरान दी जानकारी
विभाग इस वर्ष करने जा रहा 1076 अलग-अलग पदों पर बहाली
कक्षा 9 से 12वीं तक 22 अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों का जिलों में कराया जा रहा निर्माण

पटना, 20 फरवरी। राज्य में अल्पसंख्यक समुदाय के कल्याण तथा सरकारी योजनाओं का इन तक समुचित लाभ पहुंचाने के लिए प्रत्येक प्रखंड में एक-एक प्रखंड कल्याण पदाधिकारी की तैनाती की जा रही है। इस वर्ष सभी प्रखंडों में इन पदाधिकारियों की तैनाती कर दी जाएगी। यह जानकारी अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के मंत्री जमा खान ने दी। वह शुक्रवार को सूचना भवन के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में अलग-अलग 1076 पदों पर नई बहाली होने जा रही है। बहाली की प्रक्रिया पूरी करने के लिए इससे संबंधित अधियाचना पद के अनुसार बीपीएससी और बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) को भेज दी गई है।

हर प्रखंड तक पहुंचेगा अल्पसंख्यक कल्याण
इसमें जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी के 6, प्रखंड अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी के 487, निम्नवर्गीय लिपिक (मुख्यालय या निदेशालय-सचिवालय लिपिकीय सेवा) के 8, निम्नवर्गीय लिपिक (क्षेत्रीय लिपिकीय सेवा संवर्ग) के 14, निम्नवर्गीय लिपिक (बिहार समाहरणालय लिपिकीय सेवा संवर्ग) के 524 और छात्रावास प्रबंधक के 37 पद शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कक्षा 9वीं से 12वीं तक के 22 अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय का निर्माण अलग-अलग स्थानों पर कराया जा रहा है। वर्तमान में दो दरभंगा और किशनगंज में ये स्कूल चल रहे हैं और अप्रैल तक पांच स्थानों कटिहार, जमुई, कैमूर, नालंदा और मुजफ्फरपुर में ये स्कूल तैयार हो जाएंगे। इसके बाद इन स्कूलों की संख्या 7 हो जाएगी। तेलंगना के बाद बिहार ही एकमात्र राज्य है, जहां अल्पसंख्यक आवासीय कल्याण छात्रावास का निर्माण कराया जा रहा है। प्रत्येक जिले में इस तरह के अल्पसंख्यक आवासीय कल्याण विद्यालय बनाने की योजना है।

आवासीय विद्यालय, स्मार्ट मदरसे और रिकॉर्ड बजट
मंत्री ने कहा कि राज्य के 75 मदरसों में स्मार्ट क्लास शुरू हो गए हैं। जल्द ही सभी मदरसों में यह सुविधा शुरू हो जाएगी। मदरसों में छात्र-छात्राओं को रोजगार के लिए व्यवसायिक अध्ययन के लिए व्यवासायिक पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड से अनुदानित 9 मदरसों और मौलाना मजहरूल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय में एक यानी कुल 10 सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें 5 तकनीकी कोर्स काम कर रहे हैं।

शिक्षा और रोजगार सरकार की प्राथमिकता
उन्होंने कहा कि तलाकशुदा महिलाओं को 25 हजार रुपये देने की योजना चल रही है। 9 हजार से अधिक कब्रिस्तानों की घेराबंदी कर दी गई है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री किरण रिज्जू की तारीफ करते हुए कहा कि बिहार में अल्पसंख्यकों के लिए बेहतरीन कार्य किए जा रहे हैं। राज्य में वक्फ बोर्ड की जमीन को चिन्हित किया जा रहा है और इन्हें अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा।
प्रेस वार्ता के दौरान सचिव मो. सोहेल ने बताया कि विभाग का बजट लगातार बढ़ता जा रहा है। 2005-06 में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का बजट महज 3 करोड़ 53 लाख रुपये था, जो 2024-25 में बढ़कर 728 करोड़ रुपये हो गया। इसमें 86 फीसदी राशि खर्च हुई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह बजट बढ़कर 1041 करोड़ रुपये हो गया। इसमें अब तक 77 फीसदी राशि खर्च हो चुकी है। वित्तीय वर्ष समाप्त होने पर पूरी राशि खर्च हो जाने की संभावना है। इस प्रेस वार्ता में विशेष सचिव सह निदेशक आमिर अफाक अहमद फैजी, अपर सचिव इबरार अहमद खान एवं शाहिद प्रवेज, उप-सचिव नुरूल आईन के अलावा सुन्नी वक्फ बोर्ड के निदेशक समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

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