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मिथिलांचल की पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म पूरे परिवार के साथ देखने लायक : आदित्य अमन

 

हिंदी फिल्म रजनी की बारात का ट्रेलर लॉन्च, 29 मई को सिनेमाघरों में होगी प्रदर्शित

पटना : 29 मई 2026 को रिलीज हो रही हिंदी फिल्म रजनी की बारात बिहार की नई सांस्कृतिक पहचान, खूबसूरती और भोलेपन को बड़े पर्दे पर पेश करने की कोशिश है। इस फिल्म की सबसे खास बात यह है कि इसे पूरी तरह बिहार के दरभंगा और मिथिलांचल की असली लोकेशनों पर शूट किया गया है वो भी बिना सेट, बिना बनावट, सिर्फ असली कहानियों और असली लोगों के साथ। एपीएफई एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी फिल्म रजनी की बारात का ट्रेलर लॉन्च दानापुर स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल में किया गया। इस मौके पर स्कूल की प्रिंसिपल धर्मशीला पांडेय, वाईस प्रिंसिपल पी के सामंत रे, शिक्षक डॉ. सी वी पांडेय, ए के चौधरी, पी के मोहंती सहित अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी ने फिल्म की पूरी टीम का उत्साह बढ़ाया। फिल्म के निर्देशक आदित्य अमन, जो आर्मी पब्लिक स्कूल के पूर्व छात्र रहे हैं, बिहार की नई पीढ़ी के उन फिल्मकारों में शामिल हैं जो बिहार को अपराध या पिछड़ेपन की नहीं, बल्कि संस्कृति, खूबसूरती और संवेदनशील कहानियों की धरती के रूप में दिखाना चाहते हैं। इतना ही नहीं, आदित्य अमन ने महाराष्ट्र के निर्माताओं को भी बिहार की प्रतिभा और कहानियों पर भरोसा कर निवेश करने के लिए सफलतापूर्वक प्रेरित किया है। एपीएफई एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी इस फिल्म के निर्माता तनया आडारकर और तेज एच आडारकर हैं, जबकि फिल्म के एसोसिएट प्रोड्यूसर मोहसिन खान हैं।

आदित्य अमन ने कहा कि रजनी की बारात संभवतः मिथिलांचल की पृष्ठभूमि पर बनी पहली ऐसी फिल्म है, जहां सीता जी की जन्मभूमि और रामजी के स्वयंवर की ऐतिहासिक-सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक सोच के साथ जोड़ा गया है। फिल्म की कहानी एक ऐसी लड़की की है जो समाज की पुरानी परंपराओं को चुनौती देते हुए अपनी खुद की बारात लेकर निकलती है। फिल्म में अभिनेत्री उल्का गुप्ता स्कूटर पर अपनी ही बारात लीड करती नजर आएंगी, एक ऐसा दृश्य जिसने रिलीज से पहले ही लोगों का ध्यान खींच लिया है। फिल्म में उल्का गुप्ता, सुनीता राजवार, ज़रीना वहाब, अश्वथ भट्ट, कनिष्क और इशिता सिंह प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे। आज जब दर्शक साफ-सुथरी और परिवार के साथ बैठकर देखी जा सकने वाली फिल्मों की तलाश में हैं, रजनी की बारात एक जरूरी फिल्म बनकर सामने आती है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की फिल्म नीतियों से प्रेरित होकर बिहार सरकार द्वारा 2025 में लाई गई फिल्म नीति अब राज्य में नई संभावनाओं के दरवाजे खोल रही है। यह फिल्म मनोरंजन के साथ-साथ समाज में महिलाओं के फैसलों, सम्मान और बराबरी की बात भी करती है। 29 मई 2026 को अपने नजदीकी सिनेमाघर में आइए और पूरे परिवार के साथ रजनी की बारात का हिस्सा बनिए। क्योंकि यह बिहार की मिट्टी से निकली एक अपनी कहानी है।

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