लूम सोलर का हाइब्रिड इन्वर्टर और बैटरी सिस्टम बिहार के घरों को शाम के बिजली बिल में बचत करने में करेगा मदद
पटना: बिहार विद्युत विनियामक आयोग (बीईआरसी – BERC) द्वारा राज्य के 87 लाख से अधिक स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के लिए टाइम-ऑफ-डे (टीओडी- ToD) बिजली दर व्यवस्था लागू किए जाने के बाद, भारत की अग्रणी सोलर टेक्नोलॉजी निर्माता कंपनी लूम सोलर ने इसके अनुरूप एक विशेष समाधान पेश किया है — फ्यूजन हाइब्रिड इन्वर्टर और CAML (सीएएमएल) LiFePO4 बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम।
नई ToD – टीओडी व्यवस्था के तहत सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक उपयोग की गई बिजली सामान्य दर से 20% सस्ती होगी, जबकि शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक उपयोग की गई बिजली पर 10% अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा। वहीं रात 11 बजे से सुबह 9 बजे तक की ऑफ-पीक अवधि में बिजली की दर ₹7.42 प्रति यूनिट निर्धारित की गई है, जो बैटरी चार्जिंग के लिए सबसे किफायती समय माना जा रहा है।
लूम सोलर के ये दोनों उत्पाद मिलकर दिन के समय रूफटॉप सोलर पैनलों से बैटरी चार्ज करते हैं और शाम के महंगे समय में स्टोर की गई ऊर्जा के माध्यम से घरों को बिजली उपलब्ध कराते हैं। इससे उपभोक्ताओं को पीक आवर्स में ग्रिड से कम बिजली लेनी पड़ती है और बिजली बिल में उल्लेखनीय बचत होती है। फ्यूजन हाइब्रिड इन्वर्टर में टाइम ऑफ यूज़ (ToU) शेड्यूलिंग फीचर दिया गया है, जो घरेलू, कमर्शियल एवं इंडस्ट्रियल (C&I) और यूटिलिटी स्तर के उपयोगकर्ताओं को बीईआरसी की टीओडी व्यवस्था के अनुसार बैटरी के चार्ज और डिस्चार्ज साइकल को प्रोग्राम करने की सुविधा देता है। यह सिस्टम बिना किसी मैन्युअल हस्तक्षेप के सबसे सस्ते समय में ग्रिड से बिजली लेकर बैटरी चार्ज करता है और महंगे समय में स्टोर की गई ऊर्जा का उपयोग करता है।
अमोद आनंद, सह-संस्थापक एवं निदेशक, लूम सोलर ने कहा, “बिहार का टीओडी टैरिफ उपभोक्ताओं पर बोझ नहीं बल्कि एक अवसर है। यह हर स्मार्ट मीटर उपभोक्ता को बताता है कि बिजली कब सस्ती है और कब महंगी। हमारा फ्यूजन हाइब्रिड इन्वर्टर और सीएएमएल बैटरी सिस्टम इस सिग्नल को समझकर स्वतः काम करता है और बिजली दरों के अंतर को रोज़ाना की बचत में बदल देता है।”
कंपनी के अनुसार, यदि कोई परिवार शाम के समय की 5 यूनिट बिजली की खपत को स्टोर की गई सोलर ऊर्जा पर शिफ्ट करता है, तो वह हर महीने लगभग ₹1,500 तक की बचत कर सकता है। वहीं यदि बैटरी को सौर ऊर्जा के बजाय दिन में सस्ती ग्रिड बिजली से चार्ज किया जाए, तब भी लगभग ₹330 प्रति माह की बचत संभव है। यह पूरी प्रक्रिया स्वतः संचालित होती है और उपभोक्ताओं को अपनी बिजली उपयोग की आदतों में कोई बदलाव करने की आवश्यकता नहीं होती। भारत के प्रमुख बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) निर्माताओं और डेवलपर्स में शामिल लूम सोलर अपनी बैटरी स्टोरेज क्षमता 1 kWh से लेकर 5 MWh तक प्रदान करता है, जो घरेलू, कमर्शियल एवं इंडस्ट्रियल (C&I) तथा यूटिलिटी स्तर की आवश्यकताओं को पूरा करती है। यही तकनीक जो बिहार के घरों को पीक-ऑवर बिजली दरों से बचाती है, उसे बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों और ग्रिड-कनेक्टेड यूटिलिटी प्रोजेक्ट्स तक भी विस्तारित किया जा सकता है।
सीएएमएल (CAML ) बैटरी में उपयोग की गई LiFePO4 तकनीक 80% डिस्चार्ज क्षमता पर 6,000 चार्ज साइकल प्रदान करती है, जिससे इसकी कार्यक्षमता 10 से 15 वर्षों तक बनी रहती है। इसका IP65 रेटिंग सिस्टम बिहार की गर्मी और आर्द्र मानसून परिस्थितियों में भी भरोसेमंद प्रदर्शन सुनिश्चित करता है। वहीं फ्यूजन हाइब्रिड इन्वर्टर केवल बिजली कन्वर्ट करने का कार्य नहीं करता, बल्कि यह घर की ऊर्जा खपत का एक स्मार्ट वित्तीय नियंत्रक बनकर बिजली दरों के अनुसार चार्ज और डिस्चार्ज का निर्णय लेता है।
लूम सोलर के ये सिस्टम भारत सरकार की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत पूरी तरह पात्र हैं, जिसके अंतर्गत योग्य रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन पर ₹78,000 तक की केंद्रीय सब्सिडी उपलब्ध है। इस सब्सिडी के कारण शुरुआती निवेश कम हो जाता है और अधिकांश परिवार पारंपरिक ऑन-ग्रिड सिस्टम की तुलना में हाइब्रिड सिस्टम की अतिरिक्त लागत को 3 से 4 वर्षों में रिकवर कर सकते हैं। इसके बाद यह सिस्टम अगले कई वर्षों तक उपभोक्ताओं को शुद्ध आर्थिक लाभ प्रदान करता है।
