भोजपुर घटना पर अश्विनी चौबे ने उठाए सवाल, गृह मंत्री और मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग
भरत भूषण तिवारी मौत मामले की उच्चस्तरीय जांच हो, दोषियों पर कार्रवाई हो: अश्विनी चौबे
भरत भूषण तिवारी मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग, अश्विनी चौबे ने गृह मंत्री और मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप का किया आग्रह_
पटना, 19 जून। पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव निवासी युवक भरत भूषण तिवारी की मौत की घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसकी उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।

घटना को बताया लोकतंत्र को शर्मसार करने वाला
सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में अश्विनी चौबे ने कहा कि यह घटना अत्यंत दुःखद और लोकतंत्र को शर्मसार करने वाली है। उन्होंने दावा किया कि भरत भूषण तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था, इसके बावजूद उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। उन्होंने इस घटना को हृदय विदारक बताते हुए कहा कि लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है।
गृह मंत्री से कार्रवाई और जांच की मांग
अश्विनी चौबे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मामले का संज्ञान लेने का आग्रह करते हुए कहा कि यदि आरोप सही हैं तो संबंधित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाए तथा पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, ताकि समाज में गलत संदेश न जाए।
मुख्यमंत्री से 48 घंटे में कार्रवाई का आग्रह
उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से भी हस्तक्षेप करने की अपील की। चौबे ने कहा कि दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध 48 घंटे के भीतर कड़ी कार्रवाई कर राज्य में सुशासन का परिचय दिया जाना चाहिए।
युवाओं को अपराध की राह पर जाने से रोकना सरकार की जिम्मेदारी
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि युवाओं को अपराधीकरण से बचाना सरकार का महत्वपूर्ण दायित्व है। उनका कहना था कि यदि किसी व्यक्ति ने आत्मसमर्पण कर दिया है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया का पालन किए बिना किसी को दंडित करना उचित नहीं माना जा सकता।
भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की मांग
अश्विनी चौबे ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं न्याय व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
