यशोभूमि, दिल्ली में ग्लोबल फिजियोथेरेपी कॉन्फ्रेंस में डॉ. सूर्यशंकर कुमार सम्मानित
पटना। नई दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित भव्य ग्लोबल फिजियोथेरेपी कॉन्फ्रेंस में बिहार के फिजियोथेरेपिस्ट एवं Enduring Rehab तथा Enduring Welfare Foundation के निदेशक एवं संस्थापक डॉ. सूर्यशंकर कुमार को फिजियोथेरेपी एवं रिहैबिलिटेशन के क्षेत्र में उनके योगदान और सेवाओं के लिए Young Achiever Award से सम्मानित किया गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस सम्मेलन में 65 से अधिक देशों के फिजियोथेरेपिस्ट, रिहैबिलिटेशन विशेषज्ञ एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों ने भाग लिया।
यशोभूमि जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर आयोजित इस सम्मेलन में फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलाव, नवीनतम शोध, आधुनिक उपचार तकनीकों, वैज्ञानिक रिहैबिलिटेशन पद्धतियों तथा मरीजों की बेहतर एवं प्रभावी रिकवरी को लेकर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। सम्मेलन में न्यूरो रिहैबिलिटेशन, स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपी, ऑर्थोपेडिक रिहैबिलिटेशन सहित फिजियोथेरेपी के विभिन्न क्षेत्रों में नई तकनीकों और उपचार पद्धतियों पर भी चर्चा हुई।
इस अवसर पर डॉ. सूर्यशंकर कुमार को उनके द्वारा फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों, मरीजों के पुनर्वास, स्वास्थ्य जागरूकता तथा समाज में फिजियोथेरेपी की उपयोगिता को लेकर किए जा रहे प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके व्यक्तिगत करियर की उपलब्धि के साथ-साथ बिहार में फिजियोथेरेपी एवं रिहैबिलिटेशन के क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. सूर्यशंकर कुमार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिला यह सम्मान उनके लिए गौरव के साथ-साथ नई जिम्मेदारी और प्रेरणा का अवसर है। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास है कि गुणवत्तापूर्ण, वैज्ञानिक एवं आधुनिक फिजियोथेरेपी और रिहैबिलिटेशन सेवाएं अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचें। साथ ही, लोगों को फिजियोथेरेपी के प्रति जागरूक करना और जरूरतमंद मरीजों को बेहतर पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कहा कि फिजियोथेरेपी केवल दर्द कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि चोट, ऑपरेशन, न्यूरोलॉजिकल समस्याओं, मस्कुलोस्केलेटल समस्याओं और विभिन्न प्रकार की शारीरिक अक्षमताओं के बाद व्यक्ति को उसकी दैनिक गतिविधियों एवं बेहतर कार्यक्षमता की ओर वापस लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके लिए मरीजों को सही समय पर उचित मूल्यांकन और वैज्ञानिक उपचार प्राप्त करना आवश्यक है।
आयोजन से जुड़ी जानकारी के अनुसार, ग्लोबल फिजियोथेरेपी कॉन्फ्रेंस में 65 से अधिक देशों की भागीदारी रही। सम्मेलन को वैश्विक स्तर पर फिजियोथेरेपी समुदाय को एक मंच पर लाने वाले महत्वपूर्ण आयोजनों में शामिल किया गया। आयोजन से जुड़े आयोजकों के अनुसार, इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ने विश्व रिकॉर्ड में दर्ज होने की उपलब्धि भी हासिल की।
बिहार के एक युवा फिजियोथेरेपिस्ट का ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर सम्मानित होना राज्य के स्वास्थ्य एवं फिजियोथेरेपी क्षेत्र के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। डॉ. सूर्यशंकर कुमार ने कहा कि यह सम्मान उन्हें भविष्य में और अधिक मेहनत करने तथा फिजियोथेरेपी एवं रिहैबिलिटेशन के क्षेत्र में समाज के लिए बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देगा।
उन्होंने इस सम्मान के लिए सम्मेलन के आयोजकों, अपने सहयोगियों, मरीजों तथा परिवार के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि आने वाले समय में फिजियोथेरेपी जागरूकता एवं गुणवत्तापूर्ण रिहैबिलिटेशन सेवाओं के विस्तार के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे।
