प्रशासन हुआ सख्त, पटना में धरना-प्रदर्शन, उल्लंघन करने वालों पर होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई
10 अक्टूबर 2026, पटना। राजधानी पटना में विभिन्न संगठनों की ओर से अपनी मांगों को लेकर बिना पूर्व सूचना और अनुमति के किए जा रहे धरना-प्रदर्शनों पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक, पटना ने स्पष्ट किया है कि अपनी मांगों के समर्थन में धरना-प्रदर्शन करने वाले सभी व्यक्तियों और संगठनों को गर्दनीबाग स्थित निर्धारित धरना स्थल पर ही शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करना होगा। निर्धारित स्थल के अतिरिक्त अन्य स्थानों पर धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं है।
प्रशासन के अनुसार, राजधानी के विभिन्न इलाकों में अनधिकृत रूप से धरना-प्रदर्शन किए जाने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। इसके कारण आम नागरिकों को जाम और आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। साथ ही स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, न्यायालय, सचिवालय और आयोगों के कामकाज पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। विभिन्न व्यवसायों से जुड़े लोगों की व्यावसायिक गतिविधियां भी बाधित होती हैं।
बुजुर्गों, मरीजों और स्कूली बच्चों को होती है परेशानी
प्रशासन ने विशेष रूप से बुजुर्गों, बीमार व्यक्तियों और स्कूली बच्चों की परेशानियों का उल्लेख किया है। अनियंत्रित धरना-प्रदर्शनों के कारण एंबुलेंस सहित अन्य आपातकालीन सेवाओं के निर्बाध आवागमन में भी बाधा उत्पन्न होने की आशंका रहती है। इससे आपातकालीन परिस्थितियों में गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
निर्धारित स्थल पर ही शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील
जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने सभी संगठनों और संबंधित व्यक्तियों से अपील की है कि वे अपनी मांगों को लेकर गर्दनीबाग स्थित निर्धारित धरना स्थल पर ही शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करें। साथ ही आम नागरिकों की सुविधा, यातायात के सुचारू संचालन और विधि-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
निर्देशों के उल्लंघन पर होगी कानूनी कार्रवाई
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित धरना स्थल के अतिरिक्त अन्य स्थानों पर प्रदर्शन करने अथवा जारी निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने आम लोगों की सुविधा, सार्वजनिक व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं के निर्बाध संचालन को अपनी प्राथमिकता बताया है।
