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राजीव रंजन प्रसाद ने कायस्थ समाज की एकजुटता और सर्वांगीण विकास का किया आह्वान

38 जिलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में संगठन विस्तार, जरूरतमंद परिवारों की सहायता और कायस्थ विभूतियों की विरासत के संरक्षण पर हुई चर्चा

राजीव रंजन प्रसाद ने कायस्थों की घटती राजनीतिक हिस्सेदारी पर जताई चिंता, सक्रियता बढ़ाने के लिए बनेगा रोडमैप

पटना, 01 नवंबर विश्व स्तरीय कायस्थ संगठन ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस (जीकेसी) के ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने कायस्थ समाज के लोगों से 20 दिसंबर को नवी मुंबई के खारघर में आयोजित होने वाले विराट कायस्थ महासम्मेलन में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन देश-विदेश के कायस्थ समाज को एकजुट करने, सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को नई पहचान दिलाने तथा समाज के सर्वांगीण विकास के लिए सामूहिक संकल्प का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने बिहार प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में शामिल सभी 38 जिलों के प्रतिनिधियों से सम्मेलन की जानकारी समाज के प्रत्येक परिवार तक पहुंचाने और अधिकाधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

पटना के किदवईपुरी स्थित ठाकुर प्रसाद कम्युनिटी हॉल में आयोजित बैठक में बिहार के सभी 38 जिलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में कायस्थ समाज के सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक विकास से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा की गई और उनके क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर समन्वित प्रयास करने पर बल दिया गया।
बैठक का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद कायस्थ एंथम प्रस्तुत किया गया तथा विभिन्न जिलों से पहुंचे प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया।
जीकेसी के ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने अपने संबोधन में समाज की एकजुटता और सामूहिक विकास पर जोर देते हुए कहा कि संगठन की मजबूती उसकी सामाजिक सक्रियता और जरूरतमंद लोगों के प्रति संवेदनशीलता से तय होती है। समाज के लोगों को एक साझा मंच पर लाकर उनकी प्रतिभा, क्षमता और संसाधनों का उपयोग सामूहिक विकास के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की सहायता, युवाओं को अवसर उपलब्ध कराने और कायस्थ समाज की उपलब्धियों को व्यापक पहचान दिलाने के लिए सामूहिक प्रयास का आह्वान किया।

ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने कायस्थ समाज की घटती राजनीतिक हिस्सेदारी पर चिंता जताते हुए कहा कि जिस समाज का देश की आजादी और राष्ट्र के नवनिर्माण में महत्वपूर्ण योगदान रहा है, आज उसकी राजनीतिक भागीदारी लगातार कम होती जा रही है। यह चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि समाज को अपनी सक्रियता बढ़ानी होगी और राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए संगठित प्रयास करने होंगे। इसके लिए जीकेसी की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी एक रोडमैप तैयार कर रही है, जिससे कायस्थ समाज की राजनीतिक हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में ठोस पहल की जा सके।

जीकेसी की प्रबंध न्यासी रागिनी रंजन ने महिला सशक्तीकरण को सामाजिक विकास का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए महिलाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने पर बल दिया। उन्होंने लघु एवं कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहित करने तथा महिलाओं की दक्षता और स्थानीय संसाधनों के अनुरूप जिलावार योजनाएं तैयार करने की आवश्यकता जताई।
जीकेसी के ग्लोबल उपाध्यक्ष सह बिहार प्रदेश अध्यक्ष दीपक अभिषेक ने प्रदेश के सभी जिलों में संगठन को सक्रिय बनाने और सदस्यता अभियान को गति देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संगठन के उद्देश्यों को धरातल पर उतारने में जिला इकाइयों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके लिए नियमित संवाद, आपसी समन्वय और अधिक से अधिक कायस्थ परिवारों को संगठन से जोड़ना जरूरी है।
बैठक में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जिलावार रोजगार के अवसर विकसित करने तथा लघु एवं कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने का प्रस्ताव रखा गया। युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी सामूहिक पहल करने पर चर्चा हुई।
आर्थिक रूप से कमजोर कायस्थ परिवारों की पहचान कर उन्हें जरूरत के अनुसार सहायता उपलब्ध कराने तथा जरूरतमंद परिवारों के बच्चों के विवाह एवं पुनर्विवाह में सहयोग देने का प्रस्ताव भी रखा गया। इसके लिए जिला स्तर पर ऐसे परिवारों की जानकारी जुटाने और समाज के सक्षम लोगों को सहयोग के लिए प्रेरित करने पर बल दिया गया।
कायस्थ समाज की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए महापुरुषों की जयंती, पुण्यतिथि और उनके विशिष्ट कार्यों की वर्षगांठ पर जिलास्तरीय कार्यक्रम आयोजित करने पर चर्चा हुई। इसके साथ ही कायस्थ विभूतियों की प्रतिमाएं स्थापित कराने तथा प्रमुख सड़कों एवं सार्वजनिक स्थलों का नामकरण उनके नाम पर कराने के लिए संबंधित प्राधिकारों से संपर्क करने का प्रस्ताव रखा गया।
सामाजिक सहयोग को व्यवस्थित स्वरूप देने के लिए जीकेसी हेल्प डेस्क शुरू करने पर भी विचार किया गया। इसके माध्यम से समाज के लोगों को स्वास्थ्य परामर्श, कानूनी सहायता, बीमा, आयकर, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) तथा व्यापार संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने की योजना है। विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की सेवाएं जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया।
पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण अभियान चलाने तथा सामाजिक आयोजनों में अतिथियों को पुष्पगुच्छ के स्थान पर पौधे भेंट कर सम्मानित करने की परंपरा विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया।

बैठक में पूर्व सांसद आर. के. सिन्हा को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उपस्थित सदस्यों ने उनके योगदान को याद करते हुए उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया और श्रद्धासुमन अर्पित किए।
बैठक में संगठन के सदस्यता अभियान को व्यापक बनाने, जिला स्तर पर नियमित बैठकें आयोजित करने और प्रदेश एवं जिला इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी चर्चा हुई। बैठक में महिला सशक्तीकरण, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता को संगठन की भावी कार्ययोजना का हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया।
इस अवसर पर, संजय सिन्हा,प्रेम कुमार, दीप श्रेष्ठ,दिलीप कुमार सिन्हा,सुभाषनी स्वरुप,मुकेश महान, अनिल कुमार दास, कुमार संभव, मधुकर वर्मा, संजय सिन्हा, निलेश रंजन, धनंजय प्रसाद, रवि शंकर प्रसाद सिन्हा,हरी कृपाल, विनोद कुमार श्रीवास्तव, जितेंद्र श्रीवास्तव, दीपक कुमार, अरविंद, सुमन कुमार, सरोज श्रीवास्तव,विदु भूषण प्रसाद,धरमांस रंजन,निलेश वर्मा, जयंती मल्लिक, हैप्पी श्रीवास्तव, अनुराग समरुप,अपराजिता, राज श्री,राहुल मणि, अतुल आनंद सन्नू, राकेश कुमार, अश्वनी वर्मा, स्मिता वर्मा, पल्लवी, समीक्षा वर्मा, प्रियादर्शी हर्षवर्धन,मधु समरुप,रवि रंजन समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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