आशा-आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का स्वैच्छिक योगदान
डॉ. प्रियंका सौरभ भारत के ग्रामीण समाज में महिला सशक्तिकरण, पोषण और स्वास्थ्य काफी हद तक आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं
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Read More🖋️ मनीश वर्मा ‘ मनु ‘ स्वतंत्र टिप्पणीकार और विचारक अधिकारी, भारतीय राजस्व सेवा रिक्शावाला वो लखनऊ की एक सर्द
Read Moreकिसी भी लोकतांत्रिक राष्ट्र के लिए रणनीतिक स्वायत्तता केवल विदेश नीति की तकनीकी भाषा नहीं, बल्कि अस्तित्व का प्रश्न है।
Read More🖋️ मनीश वर्मा ‘ मनु ‘ स्वतंत्र टिप्पणीकार और विचारक अधिकारी, भारतीय राजस्व सेवा डिजिटल अरेस्ट आज शायद ही कोई
Read Moreडॉ. प्रियंका सौरभ भारत की लोकपरंपराएँ केवल पर्व-त्योहार नहीं होतीं, वे समाज की सामूहिक स्मृति, प्रकृति-बोध और जीवन-दर्शन की जीवित
Read Moreडॉ. सत्यवान सौरभ मकर संक्रांति का पर्व भारतीय संस्कृति में केवल एक तिथि नहीं, बल्कि ऋतु परिवर्तन, सामाजिक सहभागिता और
Read More🖋️ मनीश वर्मा ‘ मनु ‘ स्वतंत्र टिप्पणीकार और विचारक अधिकारी, भारतीय राजस्व सेवा उफ़्फ़ ये ठंडी और दफ़्तर! रात
Read Moreडॉ. प्रियंका सौरभ गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर, छत्तीसगढ़ में आयोजित एक साहित्यिक कार्यक्रम के दौरान हिन्दी के वरिष्ठ कथाकार मनोज
Read More(जहाँ से विश्व को दिशा मिले : विवेकानंद और विश्वगुरु भारत की संकल्पना) डॉ. सत्यवान सौरभ इक्कीसवीं सदी का विश्व
Read Moreडॉ. प्रियंका सौरभ अख़बार की एक छोटी-सी खबर कई बार पूरे समाज के चेहरे से नक़ाब हटा देती है। “पढ़ाई
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