सम्पादकीय

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क्‍यों भारतीय दर्शकों के दिलों के बेहद नजदीक रही हैं जासूसी कहानियाँ और उनके दिलचस्प किरदार

1887 में शरलॉक होम्‍स नाम के बेहद लोकप्रिय काल्‍पनिक जासूसी किरदार ने साहित्‍य की दुनिया में कदम रखा था। सर

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विविधसम्पादकीय

क्या भारत को अब विदेशी शिक्षा के आकर्षण को थामने के नए अवसर प्राप्त होंगे?

हाल ही में कोविड-19 के चलते दुनिया भर के अलग-अलग देशों ने अपने शिक्षण संस्थानों में जो दूसरे देशों से

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अपवित्र सोच- परिवार और समाज को भी अपनी महती भूमिका का निर्वाह करना होगा

हमारा समाज अपवित्र सोच रखनेवाले कुछ ऐसे इंसान भी रहते हैं जिन्हें समय रहते हम  नहीं पाते। जबतक उनका बदसूरत चेहरा सामने

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घरेलू कामगार- इनकी असुरक्षा और हीनता की भावनाएँ किसी के लिए मानवीय दृष्टिकोण वाली क्यों नहीं ?

घरेलू कामगारों की बात करते ही मन विचलित हो उठता है और सीने में दर्द भर जाता है कि वो

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रेलवे का निजीकरण – छोटे से फायदे के लिए हम आधी से ज्यादा आबादी का रोजमर्रा का नुकसान नहीं कर सकते

डॉo सत्यवान सौरभ, हादसों की वजह से चर्चा में रहने वाली भारतीय रेल अब कोरोना से उपजे वित्तीय संकट की

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कोविद -19 लॉकडाउन ने महिलाओं के लिए रोजगार की उपलब्धता को कर दिया है कम और देखभाल के काम का बोझ भी बढ़ा

कोरोनावायरस महामारी का महिलाओं के काम पर बहुत नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। खासकर अकेली महिलाओं, विधवाओं, दैनिक मजदूरी करने या

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आगामी भीषण आपातकाल का सामना करने हेतु प्रत्येक का सक्षम होना आवश्यक ! – सद्गुरु (डॉ.) चारुदत्त पिंगळेजी

बिहार,  ‘कोरोना महामारी का प्रकोप समाप्त होने पर जीवन तुरंत पूर्ववत होगा’, इस भ्रम में न रहकर जनता को वास्तविकता

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