एक देश, एक पाठ्यक्रम: संघीयता का संकट या शिक्षा क्रांति?
डॉ. सत्यवान सौरभ “रुकने वालों का इतिहास नहीं होता। एक देश–एक पाठ्यक्रम… शिक्षा के नाम पर लूट का विरोध जारी
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Read Moreघर… जहाँ इंसान अपने आप को सबसे अधिक सुरक्षित महसूस करता है। जहाँ से उसे पुरज़ोर सम्मान और भरोसे की
Read Moreडॉ. प्रियंका सौरभ फिल्टर के पीछे खोती पहचान लाइक्स और वैलिडेशन की दौड़ में सादगी, आत्मसम्मान और असली ज़िंदगी कैसे
Read Moreडॉ. सत्यवान सौरभ (आखिर क्यों टूट रहे हैं छात्र?) भारतीय तकनीकी शिक्षा के प्रतिष्ठित संस्थान, जिन्हें कभी “सपनों की फैक्ट्री”
Read Moreस्टेपनी समय का पहिया भी अजीब है। इतनी तेजी से घूमता है कि उसकी गति का अंदाज़ा लगाना मुश्किल हो
Read Moreडॉ. प्रियंका सौरभ संसद में महिला आरक्षण का प्रश्न भारतीय लोकतंत्र के विकास और उसकी समावेशी प्रकृति से गहराई से
Read Moreडॉ. प्रियंका सौरभ लोकतंत्र केवल वोट देने का अधिकार नहीं होता, वह एक सतत संवाद की प्रक्रिया है—जहाँ सवाल पूछे
Read Moreबराबरी ग्राउंड फ्लोर पर ही रह गई अपार्टमेंट में अमुमन दो लिफ्ट हुआ करता है । अगर अपार्टमेंट थोड़ा ज़्यादा
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