सम्पादकीय

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बुलडोजर न्याय: प्रशासनिक दक्षता और संवैधानिक अधिकारों के बीच टकराव

(प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के विरुद्ध, संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन)   हाल ही में, सर्वोच्च न्यायालय ने संविधान के अनुच्छेद

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युवा शक्ति के प्रतीक एवं प्रेरणा-स्रोत आईपीएस मनुमुक्त ‘मानव’, जिन्हें एक दशक बाद भी भुला पाना संभव नहीं

मनुमुक्त के पिता डॉ. रामनिवास ‘मानव’ भरे मन से बताते हैं कि अधिकारियों की आपराधिक लापरवाही और मनुमुक्त की मृत्यु

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बाजारीकरण की भेंट चढ़े हमारे सामाजिक त्यौहार।

हिंदुस्तान त्योहारों का देश है। त्यौहार हमको सामाजिक और संस्कारिक रूप से जोड़ने का काम करते हैं। हमारी सांस्कृतिक और

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गाँवों में भारत में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा लागू करने में बाधाएँ

ग्रामीण भारत में स्वास्थ्य सेवा एक निरंतर संघर्ष है। लाखों लोग चिकित्सा देखभाल तक सीमित पहुँच के साथ रहते हैं,

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