आखिर क्यों चुप्पी साध गई पक्षियों की चहचहाहट?
सूना-सूना लग रहा, बिन पेड़ों के गाँव। पंछी उड़े प्रदेश को, बांधे अपने पाँव।। पक्षियों को पर्यावरण की स्थिति के
Read Moreसूना-सूना लग रहा, बिन पेड़ों के गाँव। पंछी उड़े प्रदेश को, बांधे अपने पाँव।। पक्षियों को पर्यावरण की स्थिति के
Read Moreप्रशासन हाय हाय। हाय हाय हाय हाय। प्रशासन मुर्दाबाद, मुर्दाबाद मुर्दाबाद। …….. ( प्रशासनिक मुखिया का नाम लेकर ) मुर्दाबाद।
Read Moreजाति व्यवस्था समाज की एक भयंकर विसंगति है जो समय के साथ और अधिक प्रचलित होती गई। यह भारतीय संविधान
Read Moreभारत में हाल ही में आई भीषण गर्मी से डेली वर्कर्स, विशेषकर डिलीवरी कर्मियों, ईंट-भट्ठों पर काम करने वालों और
Read Moreइस बार की साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार की अंतिम घोषणा पूर्णतः जाली और संशयाधीन प्रतीत हो रही है। इससे बड़ी
Read Moreएक महापर्व खत्म। यूं तो हम भारतीय सालों भर कोई ना कोई पर्व मनाते ही रहते हैं। प्रत्येक वर्ष फिर
Read Moreयह दुर्भाग्य की बात है कि शिक्षा क्षेत्र की कई समस्याओं के समाधान की कोई राह नहीं दिख रही है।
Read Moreआखिर क्यों सही से काम नहीं कर पा रही साहित्य अकादमियां? पिछले दशकों में पुरस्कारों की बंदर बांट कथित साहित्यकारों,
Read Moreकेंद्र और राज्य की राजनीति में सक्रिय एवं प्रभावी बने रहेंगे औरंगाबाद के निवर्तमान सांसद सुशील कुमार सिंह 2024 के
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