सम्पादकीय

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एकांत का सौंदर्य और भीतर की यात्रा: बदलते समय में आत्मिक अनुशासन की आवश्यकता

बाहरी दुनिया की चकाचौंध के बीच भीतरी संसार को सँभालना ही जीवन का सबसे बड़ा संतुलन आज का मनुष्य निरंतर

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विशाल दफ्तुआर ने गढ़ी मानवाधिकार की एक नई परिभाषा

मानवाधिकार पाने के लिये मानवीय व्यवहार जरूरी मानवाधिकार और मानव कर्तव्य एक दूसरे के पूरक भारत के मशहूर अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार

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सम्पादकीय

ढिबरी से डिजिटल युग तक का सफ़र, “रविवारीय” में आज पढ़िए- अनुभवों की गर्माहट और समय की करवटें

🖋️ मनीश वर्मा ‘ मनु ‘ स्वतंत्र टिप्पणीकार और विचारक अधिकारी, भारतीय राजस्व सेवा मनु की बतकही चलिए आज कुछ

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जवाबदेही की नई राह : मंत्रियों की कार्य-रिपोर्ट और सदन अध्यक्ष द्वारा समीक्षा

लोकतांत्रिक शासन में पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और संस्थागत समीक्षा की नई पहल (मंत्रियों के कार्य-काज की नियमित रिपोर्ट तैयार की जाए।रिपोर्टों

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एक शहर, हजार एहसास- “कोलकाता मेरी नज़र से” ने लिया साहित्यप्रेमियों को फ़्लैशबैक की दिलछू लेने वाली यात्रा पर

“कोलकाता मेरी नज़र से” का लोकार्पण” आज प्रत्यक्ष कर भवन, लखनऊ के सभागार में लेखक मनीश वर्मा ‘मनु’ की नवीनतम

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प्रतापगढ़ का पौराणिक अजगरा, यक्ष प्रश्न, “रविवारीय” में आज पढ़िए- युधिष्ठिर उत्तर और इतिहास का जीवंत साक्ष्य

🖋️ मनीश वर्मा ‘ मनु ‘ स्वतंत्र टिप्पणीकार और विचारक अधिकारी, भारतीय राजस्व सेवा किसी काम से उत्तेर प्रदेश के

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बदलती विश्व-व्यवस्था और जी-20 की चुनौती : बहुध्रुवीयता के बीच भारत की उभरती वैश्विक भूमिका

भू-राजनीतिक तनावों, आर्थिक अस्थिरता और नेतृत्व संकट से जूझते जी-20 में भारत का वैश्विक दक्षिण की आवाज़ के रूप में

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संविधान : भारतीय लोकतंत्र की अटूट नींव और भविष्य की रोशनी

तेजी से बदलते समय में संविधान हमें स्थिरता, दिशा और लोकतांत्रिक चेतना प्रदान करता है। संविधान दिवस केवल एक औपचारिक

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‘हमेशा ऑनलाइन’ रहने के मायाजाल की दौड़ में थकते युवा

डिजिटल पहचान की अंधी प्रतिस्पर्धा ने मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक जीवन और वास्तविक अनुभवों को संकट में डाल दिया है। सोशल

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