पटना के युवाओं के लिए काके दा होटल बना पार्टी हब, बेहतरीन स्वाद के लिए देशभर में प्रसिद्ध
पटना : सीपी दिल्ली फेम काके दा होटल का सगुना मोड़ स्थित पटना फ्रेंचाइजी काके दा होटल युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय पार्टी हब के रूप में अपनी खास पहचान बना रहा है। अपने लाजवाब स्वाद, बेहतरीन क्वालिटी और शानदार माहौल के कारण काके दा होटल न केवल पटना बल्कि राज्यभर के फूड लवर्स के बीच प्रसिद्ध होता जा रहा है। खासतौर पर यहां मिलने वाले पंजाबी और उत्तर भारतीय व्यंजन लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं। काके दा होटल दिल्ली का पुराना और मशहूर रेस्टुरेंट चेन है। मौके पर मीडिया को संबोधित करते हुए पटना के फ्रेंचाइज ओनर धनंजय कुमार ने कहा कि काके दा होटल युवाओं के लिए पार्टी, बर्थडे सेलिब्रेशन, किटी पार्टी, गेट-टुगेदर और फैमिली डिनर का पसंदीदा हब बन चुका है। वहीं होटल के मैनेजमेंट हेड अमित गौरव ने कहा कि आधुनिक इंटीरियर, म्यूजिकल माहौल और प्रोफेशनल सर्विस के साथ यहां का वातावरण हर वर्ग के लोगों को आकर्षित करता है। होटल का मेन्यू स्वाद और विविधता का बेहतरीन संगम है, जिसे खासतौर पर युवाओं की पसंद को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि बिहार में अभी काके दा होटल के तीन आउटलेट हो गए हैं, जबकि देशभर में इसके 70 से अधिक आउटलेट संचालित हो रहे हैं। वर्ष 1931 से लेकर आज तक यह अपनी गुणवत्ता और परंपरा के प्रति प्रतिबद्धता के लिए जाना जाता है और राजनेताओं, फिल्मी हस्तियों से लेकर आम लोगों तक सभी के बीच लोकप्रिय रहा है। वर्तमान में इस विरासत को स्वर्गीय अमोलक राम चोपड़ा के पुत्र अशोक काका चोपड़ा और उनके पुत्र तुषार चोपड़ा यानी परिवार की दूसरी और तीसरी पीढ़ी आगे बढ़ा रहे हैं। वहीं फ्रेंचाइजी मैनेजर आनंद कुमार ने बताया कि काके दा होटल सिर्फ एक रेस्टोरेंट नहीं, बल्कि स्वाद और परंपरा की वह विरासत है, जो पीढ़ियों से चली आ रही है। पटना में हमारा नया आउटलेट इस विरासत को और लोगों तक पहुँचाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यहां स्वाद और गुणवत्ता से कभी कोई समझौता नहीं किया जाता, यही कारण है कि यहां आने वाले ग्राहक बार-बार लौटकर आते हैं।
उन्होंने बताया कि आने वाले कुछ ही दिनों में रेस्टुरेंट में कई बड़े इवेंट्स का आयोजन किया जाएगा, जिसमें लाइव म्यूजिक नाइट्स, थीम पार्टी, सेलिब्रिटी विजिट और स्पेशल फूड फेस्टिवल शामिल होंगे। होटल के शेफ संजय कुमार ने कहा कि काके दा होटल का उद्देश्य पटना के लोगों को मेट्रो सिटी जैसा फूड और पार्टी एक्सपीरियंस उपलब्ध कराना है। काके दा होटल की सबसे बड़ी खासियत 1930 के दशक के प्रामाणिक स्वाद को आज भी बनाए रखना है। चिकन करी, दही वाला मीट, दाल मखनी, राड़ा चिकन और मीट, शाही पनीर आदि इसके प्रमुख व्यंजन हैं। यहां व्यंजनों को बनाने की पारंपरिक विधि ही इसे खास बनाती है। आज भी तांबे की हांडी और पतीलों में कोयले की आंच पर धीमी आंच में पकाया जाता है। दाल मखनी को तंदूर में 12 घंटे से अधिक समय तक पकाया जाता है, जिससे इसका स्वाद गहरा और लाजवाब बनता है। यही प्रक्रिया चिकन करी और दही वाला मीट जैसे अन्य व्यंजनों में भी अपनाई जाती है। आने वाले समय में नए ऑफर्स और अनोखे आयोजनों के जरिए काके दा होटल युवाओं के मनोरंजन और स्वाद का प्रमुख केंद्र बना रहेगा।
