गुरु पूर्णिमा के दिन जाने “नए जमाने में नए अंदाज के पांच गुरुओं के बारे में, जिनकी शिक्षा से लाखों जिंदगियां बदल चुकी है
गुरु के बिना संसार में न तो ज्ञान की प्राप्ति हो सकती है और न ही हम भवसागर के पार हो सकते हैं। अंधेरे जीवन में प्रकाश भरने का काम गुरुजन करते हैं। यूं तो हर दिन गुरु का वंदन हमें करना चाहिए। लेकिन एक विशेष दिन ऐसा भी होता है जब हमें उनकी कृतज्ञता जरूर प्रकट करनी चाहिए, वो है गुरु पूर्णिमा। गुरु महर्षि वेदव्यास का जन्म दिवस को गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है।
10 जुलाई को आज गुरु पूर्णिमा के दिन आइए जानते है भारत के 5 आधुनिक लोकप्रिय गुरुओं के बारे में जिन्होंने न जाने कितने गरीबों की जिंदगियां बदल दी।
‘ शिक्षा देने के सरल अंदाज व स्टाइल के कारण विद्यार्थी उनके फैन हैं। हम बात कर रहे हैं खान सर, आनंद कुमार, विकास दिव्यकीर्ति , आरके श्रीवास्तव व अलख पांडेय जैसे शिक्षकों की।
नए जमाने के इन शिक्षकों में बिहार के खान सर , आनंद कुमार , आरके श्रीवास्तव तो यूपी के अलख पांडेय को कौन नहीं जानता? लिस्ट में प्रसिद्ध शिक्षक विकास दिव्यकीर्ति भी हैं।
और हां, गरीब बच्चों की मेधा तराश कर उन्हें आइआइटी में प्रवेश दिलाने वाले सुपर-30 फेम आनंद सर और ₹1 में पढ़ाकर आर्थिक रुप से गरीब स्टूडेंट्स को इंजीनियर बनाने वाले आरके श्रीवास्तव की चर्चा किए बिना तो लिस्ट अधूरी ही रहेगी।
(1) “आनंद कुमार.”…
गरीब मेधा को तराशते रहे आनंद:
कोचिंग संस्थान ‘सुपर 30’ फेम आनंद कुमार नए जमाने के पहले शिक्षक हैं, जिन्होंने मेधावी गरीब बच्चों को सपने देखने व उन्हें पूरा करने का हौसला दिया।
आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी बच्चों की मेधा को तराश कर उन्होंने उन्हें आइआइटी जैसी कठिन परीक्षा में सफलता दिलाने का कीर्तिमान बना चुके है। उनके मार्गदर्शन में आज ठेला पर अंडा व सब्जी बेंचने वालों के बच्चे भी इंजीनियर बन चुके हैं। इनको पद्म श्री से सम्मानित भी किया जा चुका है।
(2) ‘ डा. विकास दिव्यकीर्ति:,
डा. विकास दिव्यकीर्ति यूपीएससी सिविल सेवा और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं के हीरो हैं। ‘दृष्टि आइएएस काेचिंग संस्थान’ के संस्थापक विकास दिव्यकीर्ती ने 22 साल की उम्र में अपने पहले प्रयास में ही यूपीएससी सिविल सेवा में 384वीं रैंक हासिल की थी।
लेकिन उनका मन अफसरी में नहीं लगा। फिर, उन्होंने शिक्षा दान की राह पकड़ी। उनके पढ़ाने का अंदाज सरल है तथा वे अपने विद्यार्थियों का मनोबल भी बढ़ाते रहते हैं।
(3) “खान सर“,
खान सर के अंदाज के फैन विद्यार्थी:
नए जमाने के वर्चुअल शिक्षकों की चर्चा हो और पटना वाले खान सर का नाम न आए, ऐसा नहीं हो सकता है। खान सर ने कोरोना वायरस संक्रमण के काल में आनलाइन शिक्षा की शुरुआत की।
देखते-देखते उनके यू-ट्यूब चैनल की ख्याति गांव-गांव तक पहुंच गई। कोरोना काल में उनके वीडियो सर्वाधिक देखे गए। उनका ‘खान जीएस रिसर्च सेंटर’ आफलाइन क्लासेस भी चलाता है। अब तो भारत के लोकप्रिय शिक्षकों में अपना नाम बना चुके है।
(4) अब बात करते है राष्ट्रपति से सम्मानित चर्चित शिक्षक आरके श्रीवास्तव सर के बारे में…
₹1 गुरु दक्षिणा वाले मैथमेटिक्स गुरु आरके श्रीवास्तव देश -विदेश में काफी लोकप्रिय शिक्षक है।
बिहार के आरके श्रीवास्तव के पढ़ाने, का तरीका दुनियाभर में मशहूर हो रहा है और लोगों की प्रशंसा बटोर रहा है।
भारत के प्रसिद्ध शिक्षक आरके श्रीवास्तव, जो सिर्फ 1 रु गुरु दक्षिणा में पढाकर IITian बनाने के लिए प्रसिद्ध पा चुके है। इनके इस नेक कार्य हेतु राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी राष्ट्रपति भवन में सम्मान और आशीर्वाद इस बिहारी शिक्षक को मिल चुका है।राष्ट्रपति के साथ कि तस्वीरे सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे है।आरके श्रीवास्तव का नाम “वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स” और “इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स” में भी दर्ज हो चुका है।
दुनिया के मानचित्र पर पटना (बिहार) के मैथेमेटिक्स गुरु आर.के. श्रीवास्तव का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। इनका पूरा नाम रजनी कांत श्रीवास्तव है। ये भारत के एक मात्र ऐसे शिक्षक होंगे जिनका कोई हेटर्स नहीं मिलेगा,जिन्होंने देश के हर उस बच्चे की मदद करने की सोची जो पढ़ना चाहता है। इन्होंने सिर्फ 1 रु फीस में पढाकर 950 से अधिक स्टूडेंट्स को इंजीनियर बना चुके है। भारत के प्रतिष्ठित अखबारों और न्यूज पोर्टल पर इनके बारे में खबरें हमेशा छपती ही रहती है। Google पर सिर्फ मैथेमेटिक्स गुरु सर्च करने भर से ही सबसे टॉप पर Rk Shrivastava sir का नाम सामने आ जाता है। आरके श्रीवास्तव गरीब छात्रों को IIT की 1 रु में कोचिंग क्लास देते हैं। वे एक गणितज्ञ होने के साथ-साथ एक अच्छे शिक्षक भी हैं। आरके श्रीवास्तव एक ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्होंने गरीब छात्रों को मुफ्त में शिक्षा देकर उनकी काबिलियत को समझा है।आरके श्रीवास्तव ने सिर्फ 1 रु गुरु दक्षिणा में पढाकर निर्धन स्टूडेंट्स के सपने को साकार कर रहे है।
सोशल मीडिया पर भी अपने शैक्षणिक कार्यशैली के लिए बिहार राज्य के आरके श्रीवास्तव खूब सुर्खिया इकठ्ठा कर रहे हैं। इनके द्वारा चलाया जा रहा नाइट क्लासेज अभियान देश में चर्चा का विषय बना हुआ है, लगातार पूरे रात 12 घंटे तक पढ़ाने की कला इनका अदभुत है, सेल्फ स्टडी के लिए जागरूक करने में स्टूडेंट्स के लिए काफी फायदेमंद हो रहा उनका नाइट क्लास, कबाड़ से प्रैक्टिकल और जुगाड़ से पढ़ाने का अंदाज छात्रों को खूब पसंद आता है।
IIT प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स के बीच एक चर्चित नाम है मैथेमेटिक्स गुरु आरके श्रीवास्तव,
(5) “अब बात करते है अलख पांडे सर के बारे में….
” फिजिक्स वाला अलख पांडेय:
यूपी के प्रयागराज के रहने वाले अलख पांडेय अपना एजुकेशन प्लेटफार्म ‘फिजिक्स वाला’ चलाते हैं। वे यूट्यूब पर वीडियोज शेयर करते हैं। वे मुख्य रूप से जेईई मेन्स व जेईई एडवांस तथा मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कराते हैं। इनके संस्था को देश के 101 वें यूनिकॉर्न कंपनी बनने का गौरव प्राप्त हो चुका है।