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सीमांचल से सत्ता के गलियारों तक गूंजी राहुल की आवाज – इन्तेखाब आलम

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य इन्तेखाब आलम का मानना है कि सीमांचल की पावन धरती हमेशा से लोकतांत्रिक मूल्यों, भाईचारे और सामाजिक न्याय की मिसाल रही है। इस क्षेत्र ने हर दौर में देश को जागरूक नागरिक और संघर्षशील नेतृत्व दिया है। आज जब लोकतंत्र के सामने नई चुनौतियां खड़ी हैं, ऐसे समय पर वोटर अधिकार यात्रा के तहत राहुल गांधी और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव का सीमांचल आगमन ऐतिहासिक महत्व रखता है।

24 अगस्त को होने वाली इस ऐतिहासिक यात्रा की तैयारियों का सभी इंतजाम, सुरक्षा, कार्यकर्ताओं की तैनाती से लेकर आम जनता की भागीदारी तक हर पहलू पर बारीकी से काम किया जा रहा है। यात्रा का रूट तय कर लिया गया है और राहुल गांधी का स्वागत हर पड़ाव पर उत्साह और जोश के साथ होगा। कार्यक्रम के पश्चात उनके विश्राम की व्यवस्था भी ससम्मान की गई है, ताकि अगले चरण की यात्रा वे पूरी ऊर्जा के साथ जारी रख सकें।

राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रही यह यात्रा केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता को यह याद दिलाने का प्रयास है कि असली ताकत उनके वोट में है। यही वोट उनकी आवाज है और यही लोकतंत्र का सबसे बड़ा अस्त्र है। जब नागरिक निर्भीक होकर मतदान करेगा तभी संवैधानिक संस्थाएं और लोकतंत्र मजबूत होंगे।

आज साफ दिखाई दे रहा है कि इस यात्रा से भारतीय जनता पार्टी बुरी तरह बौखला गई है। हमें लगता है कि राहुल गांधी का निशाना सही जगह पर लगा है। भाजपा के नेता और कार्यकर्ता अपने मूल काम छोड़कर सिर्फ राहुल गांधी पर अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। वे अपने आका की नजर में नंबर बढ़ाने की होड़ में लगे हैं। यह स्थिति यह साबित करती है कि राहुल गांधी की बातों ने सीधे सत्ता के गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।

सीमांचल क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्याएं गरीबी, बेरोजगारी, पलायन, शिक्षा और बाढ़ की त्रासदी रही हैं। यहां के किसान वर्षों से प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहे हैं, नौजवान रोजगार की तलाश में महानगरों की ओर पलायन कर रहे हैं, महिलाएं आज भी बराबरी की राह में संघर्षरत हैं। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की उपस्थिति से इस क्षेत्र की जनता को यह विश्वास मिलेगा कि उनकी समस्याएं अब राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बनेंगी।

कांग्रेस पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल का साझा संकल्प केवल गठबंधन की राजनीति तक सीमित नहीं है। यह विचारधारा का संगम है, जो सामाजिक न्याय, समानता और भाईचारे की मजबूत नींव पर आधारित है। दोनों नेता इस क्षेत्र में नई राजनीतिक संस्कृति का संदेश लेकर आए हैं – जहां जनता की भागीदारी सबसे बड़ी ताकत है।

मैं सीमांचल की जनता की ओर से राहुल गांधी और तेजस्वी यादव का हार्दिक स्वागत करता हूं। विश्वास है कि यह यात्रा सीमांचल की समस्याओं के समाधान की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगी और लोकतंत्र की लड़ाई को नई ऊर्जा प्रदान करेगी।

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