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कला, संस्कृति, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई सोच के साथ आगे बढ़ रहा सुनहरा भारत फाउंडेशन

पटना : सामाजिक सेवा के क्षेत्र में तेजी से अपनी मजबूत पहचान बना रहा सुनहरा भारत फाउंडेशन आज स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, खेल, पर्यावरण और सांस्कृतिक संरक्षण जैसे अनेक क्षेत्रों में बड़े स्तर पर काम कर रहा है। बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में संस्था द्वारा चलाए जा रहे जनकल्याण अभियानों को लोगों का भारी समर्थन मिल रहा है। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक संस्था जरूरतमंद लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य कर रही है।

संस्था द्वारा हाल ही में शुरू किए गए “स्वस्थ भारत महाअभियान” के तहत बिहार और झारखंड के सुदूर गांवों में विशाल मुफ्त स्वास्थ्य शिविर लगाए गए, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने हजारों लोगों की स्वास्थ्य जांच की। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। मोबाइल हेल्थ वैन के जरिए उन गांवों तक चिकित्सा सेवाएं पहुंचाई गईं, जहां पहले कभी बड़े मेडिकल कैंप नहीं पहुंचे थे। लोगों को मलेरिया, डेंगू, टीबी, एनीमिया और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष स्वास्थ्य जांच और रक्तदान शिविर भी आयोजित किए गए।

 

युवाओं को खेलों के माध्यम से नई दिशा देने के उद्देश्य से संस्था ने “राष्ट्रीय खेल प्रतिभा खोज अभियान” शुरू किया है। फुटबॉल, कबड्डी, क्रिकेट और एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में हजारों युवाओं ने भाग लिया। प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स किट, प्रोफेशनल प्रशिक्षण और राष्ट्रीय स्तर के कैंप में शामिल होने का अवसर दिया जा रहा है। विजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

भारतीय लोककला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए पटना, रांची और मुंबई में “राष्ट्रीय कला एवं संस्कृति महोत्सव” का भव्य आयोजन किया गया। भोजपुरी, मैथिली, मगही, राजस्थानी और आदिवासी लोक संस्कृति की शानदार प्रस्तुतियों ने लोगों का मन मोह लिया। आर्थिक संकट से जूझ रहे लोक कलाकारों को मंच और आर्थिक सहयोग देकर संस्था ने उनके आत्मविश्वास को नई मजबूती दी।

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए संस्था “नारी शक्ति अभियान” चला रही है। इसके तहत महिलाओं को सिलाई, ब्यूटी पार्लर, कंप्यूटर, हस्तशिल्प और स्वरोजगार से जुड़ा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कई महिलाओं को छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता और जरूरी सामग्री भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।

शिक्षा के क्षेत्र में भी संस्था उल्लेखनीय कार्य कर रही है। गरीब और वंचित बच्चों के लिए कई जिलों में “डिजिटल शिक्षा केंद्र” शुरू किए गए हैं, जहां बच्चों को मुफ्त कंप्यूटर शिक्षा, स्मार्ट क्लास और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है। पुस्तक वितरण अभियान के माध्यम से हजारों बच्चों को किताबें, कॉपियां और स्कूल बैग वितरित किए गए।

पर्यावरण संरक्षण को लेकर संस्था “हरित भारत मिशन” के माध्यम से हजारों पौधे लगाकर लोगों को जल संरक्षण और प्लास्टिक मुक्त भारत का संदेश दे रही है। स्कूलों और कॉलेजों में स्वच्छता अभियान और पर्यावरण जागरूकता रैलियों का आयोजन भी लगातार किया जा रहा है।

इसके अलावा बिहार और झारखंड के ऐतिहासिक स्थलों पर “पर्यटन जागरूकता एवं विरासत संरक्षण अभियान” चलाकर स्थानीय युवाओं को टूरिज्म गाइड प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बोधगया, राजगीर, नालंदा समेत कई पर्यटन स्थलों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए।

संस्था IEC गतिविधियों के माध्यम से नुक्कड़ नाटक, पोस्टर अभियान, डॉक्यूमेंट्री फिल्म और सोशल मीडिया कैंपेन चलाकर स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सुरक्षा और नशा मुक्ति जैसे विषयों पर व्यापक जनजागरूकता फैला रही है।

संस्था के संस्थापक किस्सू राहुल ने कहा कि सुनहरा भारत फाउंडेशन का उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि समाज में स्थायी परिवर्तन लाना है। उन्होंने कहा कि संस्था आने वाले समय में भी स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण और युवा विकास के क्षेत्र में बड़े स्तर पर कार्य करती रहेगी, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता और जागरूकता पहुंच सके।

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