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वर्षों की पीड़ा के बाद हथिनी मानिकी को वनतारा में मिला नया जीवन

असम से जामनगर लाई गई, अब मिलेगा विशेषज्ञों की देखरेख में इलाज
• दवाओं, हाइड्रोथेरेपी और प्राकृतिक माहौल से होगा स्वास्थ्य में सुधार

*जामनगर, 24 जून 2026:* करीब 48 वर्ष की हथिनी मानिकी अब इलाज और बेहतर देखभाल के लिए जामनगर स्थित वनतारा पहुंच गई है। पिछले कई वर्षों से वह बाएं अगले पैर की गंभीर समस्या से जूझ रही थी। इसके कारण उसे चलने-फिरने में काफी तकलीफ होती थी। उम्र बढ़ने के साथ उसकी हालत और बिगड़ गई। उसके शरीर में पानी की कमी हो गई थी। कई घाव संक्रमित हो चुके थे और एक आंख की रोशनी भी कमजोर हो गई थी।

कुछ समय पहले असम में इलाज के लिए ले जाए जाने के दौरान मानिकी का एक वीडियो सामने आया था। वीडियो में वह दर्द से लंगड़ाते हुए सड़क पर चलती दिखाई दे रही थी। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। इसके बाद देशभर के लोगों ने उसके इलाज और बेहतर देखभाल की मांग की।

मानिकी की गंभीर हालत को देखते हुए उसके मालिक रुचि चेतिया ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित समिति से उसे वनतारा भेजने की अनुमति मांगी थी। समिति के साथ असम और गुजरात सरकार ने भी मंजूरी दी। इसके बाद मानिकी को सुरक्षित रूप से जामनगर लाया गया।

वनतारा के विशेषज्ञों का कहना है कि मानिकी को लंबे समय तक विशेष इलाज की जरूरत है। उसके दर्द को कम करने के लिए दवाइयां दी जाएंगी। साथ ही हाइड्रोथेरेपी, एक्यूपंक्चर, घावों का उपचार और पौष्टिक आहार भी दिया जाएगा। उसके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जाएगी।

वनतारा के प्रवक्ता ने बताया कि इलाज के साथ मानिकी के आराम का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। उसके लिए मुलायम जमीन तैयार की गई है, ताकि घायल पैर पर कम दबाव पड़े। उसे प्राकृतिक तालाबों में रहने का अवसर मिलेगा। इससे उसके पैरों को राहत मिलेगी। वह अन्य हाथियों के साथ प्राकृतिक वातावरण में भी रह सकेगी।

उन्होंने कहा कि मानिकी का वनतारा पहुंचना इस बात का उदाहरण है कि लोगों की संवेदनशीलता और सभी पक्षों के सहयोग से किसी भी पशु का जीवन बदला जा सकता है। अब मानिकी के दर्दभरे दिनों का अंत हो गया है। वनतारा में उसे सुरक्षित वातावरण, बेहतर इलाज और सम्मान के साथ जीवन बिताने का अवसर मिलेगा।

वनतारा की स्थापना रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक अनंत अंबानी ने की है। यह पशु बचाव, उपचार, पुनर्वास और दीर्घकालिक देखभाल के लिए समर्पित एक वैश्विक केंद्र है। यहां अत्याधुनिक वन्यजीव अस्पताल हैं। दुनिया के सबसे बड़े हाथी अस्पतालों में से एक भी यहीं स्थित है। यहां विशेषज्ञों की देखरेख में जरूरतमंद पशुओं का इलाज और संरक्षण किया जाता है।

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