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दिल्ली में 4 अक्टूबर को होगा ‘बिहारी स्वाभिमान सम्मेलन’ का दूसरा अध्याय

देश के अलग-अलग हिस्सों में रह रहे बिहारियों को एक मंच पर लाने और बिहार के विकास के लिए सामूहिक विचार-विमर्श करने के उद्देश्य से ‘बिहारी स्वाभिमान सम्मेलन’ का दूसरा अध्याय 4 अक्टूबर को दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। इसकी जानकारी देने के लिए पटना के होटल पाटलिपुत्र एग्जोटिका में संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें शुभ सीता फाउंडेशन की संस्थापक-निदेशक एवं सामाजिक कार्यकर्ता तथा बिहारी स्वाभिमान सम्मेलन की संस्थापक कार्यकर्ता मनोरमा झा ने बताया कि कार्यक्रम केदार नाथ साहनी ऑडिटोरियम, अजमेरी गेट, दिल्ली में होगा।

संवाददाता सम्मेलन में बिहार कैडर के वरिष्ठ सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी विजय प्रकाश, भारतीय स्टेट बैंक के सेवानिवृत्त सहायक महाप्रबंधक उमेश मिश्र, साहित्यकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता सदफ इकबाल और राजनीतिक विश्लेषक (Psephologist) रामबंधु वत्स मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि सम्मेलन का पहला संस्करण 14 जून को मुंबई में आयोजित किया गया था।

मनोरमा झा ने बताया कि, दिल्ली में होने वाले सम्मेलन में बिहार के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी प्रमुख हस्तियों को आमंत्रित किया गया है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, डॉ धर्मशिला गुप्ता राज्यसभा सदस्य, श्रीमती अन्नपूर्णा देवी मिनिस्टर ऑफ विमेन एंड चाइल्ड डेवलपमेंट, श्री ऋतुराज सिन्हा नेशनल सेक्रेटरी बीजेपी, प्रशांत किशोर, अनिल अग्रवाल वेदांता ग्रुप, संजय कुमार झा कार्यकारी अध्यक्ष जेडीयू, एक्टर पंकज त्रिपाठी, श्रेयसी सिंह, मिथलेश तिवारी शिक्षा मंत्री, प्रवीण झा पीएचआईयेल ग्रुप, एक्टर शेखर सुमन, संदीप झा संदीप ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट, नीतीश मिश्र मंत्री, प्रभात रंजन येएसपीएल फ्यूजन, अखिलेश प्रसाद सिंह राज्यसभा सांसद, नित्या पाठक, उदय सिंह नेशनल प्रेसिडेंट जनसुराज, सतीश कुमार सिंह, जगदीप नारायण सिंह रिटार्ड आईएस, सीमा सिंह बिजनेस विमेन, अक्षरा सिंह अभिनेत्री को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निमंत्रण भेजा गया है। इसके अलावा बिहार से बाहर रहकर अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे उद्योगपतियों और अन्य विशेषज्ञों को भी सम्मेलन में आमंत्रित किया गया है।

मनोरमा झा ने कहा कि देश के विभिन्न शहरों और राज्यों में रहने वाले बिहारवासियों को एक मंच पर लाकर बिहार से जुड़े मुद्दों पर खुलकर चर्चा करना सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य है। उनका कहना है कि बिहार कई चुनौतियों से गुजर रहा है, इसलिए राजनीतिक विचारों से ऊपर उठकर निष्पक्ष और सार्थक विमर्श जरूरी है। चर्चा के बाद बिहार की बेहतरी के लिए व्यावहारिक सुझावों और कार्ययोजना पर आगे बढ़ने का प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि सम्मेलन को आगे देश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित करने की योजना है। आयोजकों का मानना है कि बिहार से दूर रहने वाले लोग भी राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। सम्मेलन इसी भावना को मजबूत करने का प्रयास है।

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