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9 जून को भाजपा डिजिटल रैली और राजद थाली बजाकर गरीबों और मजदूरों के दर्द और बेचैनी को बढ़ाकर भद्दा मजाक करेगी – एजाज अहमद

पटना 2 जून 2020: जन अधिकार पार्टी लोकतांत्रिक राष्ट्रीय प्रधान महासचिव एजाज अहमद ने कहा कि भाजपा बिहार में डिजिटल रैली की जगह घर घर अनाज की थैली और राजद थाली बजाने के स्थान पर थाली सजाने का काम करे जिससे गरीबों और मजदूरों को राहत मिल सके।
इन्होंने कोरोना जैसी गंभीर बीमारी तथा मजदूरों के पलायन पर भाजपा और राजद के द्वारा राजनीति करने तथा गरीबों का मजाक बनाने का आरोप लगाया। आज जबकि एशिया में सबसे अधिक और देश में दो लाख के करीब कोरोना मरीज हो गए हैं, फिर भी भाजपा राजनीति करने से बाज नहीं आ रही है और सिर्फ और सिर्फ उसे सत्ता में कैसे बने रहना है इसकी कवायद मे हीं जुटी हुई है ,उसे गरीब- मजदूर और आमजन के पीड़ा से कोई मतलब नहीं है ।
भाजपा बिहार में डिजिटल रैली करने से पहले गरीब -मजदूरों के दर्द को दूर करने के लिए उन तक राहत का थैली और उनके अकाउंट में डिजिटल पेमेंट की होती तो बात समझ में आती लेकिन 9 जून को भारत के गृह मंत्री अमित शाह डिजिटल रैली को संबोधित करके गरीबों के दर्द को बढ़ाने का ही काम करेंगे। सारा देश जानता है कि भाजपा को ना तो पहले गरीबों से हमदर्दी रहा है और ना ही आगे रहने की संभावना है क्योंकि आज जितनी भी योजनाएं और स्कीम केंद्र सरकार के द्वारा चलाई गई है उन सभी ने बड़े उद्योगपतियों और औद्योगिक घराने को ही राहत पहुंचाने का काम किया है। आज आवश्यकता थी गरीबों की बिजली बिल को माफ करने की लेकिन केंद्र सरकार ने 9000 करोड़ रूपया उन प्राइवेट बिजली कंपनियों को सब्सिडी देकर राहत देने का काम किया ,जो कंपनियां ऐसे संकट के समय भी गरीबों से बिजली बिल वसूलने का काम कर रही है यह कैसी राहत की योजना भारत सरकार चला रही है ये बात समझ से परे है ।
इतना ही नहीं गरीबों को घर तक पहुंचाने के लिए भी द्वारा कोई उपाय भाजपा के द्वारा नहीं किया गया ,उल्टे भाजपा शासित राज्यों में गरीब -मजदूरों को पुलिस के द्वारा लाठी-डंडों से पीटा गया और उन्हें अमानवीय जिंदगी जीने पर मजबूर किया गया केंद्र सरकार ने गरीबों के साथ जैसा भद्दा मजाक किया है वह पूरे भारत की सड़कों और रेलवे लाइन पर मजदूरों के काल के गाल में समा जाने और उनके पैरों में पड़े छाले और महिलाओं तथा बच्चों के साथ हुए व्यवहार को देश और दुनिया सभी ने देखा है ,लेकिन फिर भी भाजपा राजनीति करने से बाज नहीं आ रही है । वहीं दूसरी ओर बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भाजपा की आलोचना किस मुंह से कर रहे हैं यह बात समझ में नहीं आती है क्योंकि उनके द्वारा भी वही काम की जा रही हैं जो भाजपा के द्वारा पहले की जाती है जहां भाजपा ने 9 जून को डिजिटल रैली की घोषणा की है, वही उसी दिन राजद ने थाली कटोरा बजाने की बात की है तेजस्वी यादव को यह बात बतानी चाहिए कि गरीबों के घर में अभी थाली बजाने कि आवश्यकता है या थाली सजाने की । वह किस मुंह से भाजपा की आलोचना कर रहे हैं जबकि उनके द्वारा भी उसी तरह का कार्य किया जा रहा है जो भाजपा के के द्वारा पूर्व में की गई है।
इससे पूर्व तेजस्वी यादव और राजद ने पहले मोमबत्ती और दिया जलाने के समय लालटेन जलाने का काम किया।
एजाज ने कहा कि ऐसी अमानवीय और गैरइंसानी सोच रखने वाले राजनेता और पार्टियों को आमजन अब स्वीकार करने वाले नहीं है ,जहां एक तरफ भाजपा और राजद चुनावी नौटंकी में लगी हुई है वहीं दूसरी ओर जन अधिकार पार्टी लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव सेवा भाव के साथ हर गरीबों तक मदद पहुंचाने के लिए गरीब -गाथा कार्यक्रम के तहत हर घर तक अनाज से लेकर आर्थिक सहायता पार्टी नेताओं- कार्यकर्ताओं के माध्यम से पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है ।और हर गरीब के चेहरे पर मुस्कान बनी रहे इसके लिए एक मुट्ठी दान गरीबों के चेहरे मुस्कान कार्यक्रम भी निरंतर चल रहा है। जो गरीब -मजदूर मुंबई ,दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, तमिलनाडु ,पंजाब और अन्य राज्यों से लौटे हैं उनके परेशानियों को दूर करने के लिए उनके साथ सहानुभूति और उन्हें सहायता पहुंचाने आवश्यकता है, वहीं भाजपा रैली और राजद थाली बजाने माध्यम से गरीबों के दर्द और बेचैनी को बढ़ा रही है,यह कहां का न्याय है?
एजाज ने आरोप लगाया कि बिहार में सत्तापक्ष और विपक्ष मिलकर गरीबों का उपहास और मजाक बना रही है इसके खिलाफ जाप पप्पू यादव के नेतृत्व में जन अभियान चलाकर लोगों को जागरुक करने का काम करेगी कि उनका हमदर्द कौन है और उनके साथ राजनीति करने वाला कौन है यह स्पष्ट होना चाहिए।