बेटियां: विरासत नहीं, संवेदना का सच
“पितृसत्ता की विरासत में बेटियों की अनदेखी” “लिपट के रोये हैं बेटियों से अपनी हालत पे, जो कहते थे विरासत
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Read More“जब यार ही यमराज बन जाएं, तो मां-बाप किस पर भरोसा करें?” डॉ सत्यवान सौरभ हरियाणा में इन दिनों एक
Read Moreबचपन की यादें ख़ासकर खाने पीने की यादें जब लौटकर आती हैं, तो अक्सर किसी ख़ास स्वाद के सहारे आती
Read More(चौपाल – गाँव की धड़कन) हरियाणा की ग्रामीण संस्कृति में ‘चौपाल’ सिर्फ एक बैठने की जगह नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक
Read More“कलम का रणघोष: पत्रकारिता का सत्य-संघर्ष” “झुकी नहीं जो कलम: लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की पुकार” “शब्दों का शस्त्र: जब
Read Moreमहाराणा प्रताप केवल एक योद्धा नहीं, बल्कि भारतीय आत्मगौरव के प्रतीक थे। जब सारे राजपूत मुग़ल दरबार में झुक गए,
Read More“मरते एक हैं, दोषी हम सब हैं” “मौन अपराध है: पंचकूला की त्रासदी से सीख” “हर आत्महत्या एक पुकार है,
Read Moreसमाज में बदलती नैतिकता, रिश्तों की उलझन और तकनीक के नए असर पर समाज में अब बेटी की निगरानी नहीं,
Read Moreराजस्थान का कोटा शहर आज देशभर में इंजीनियरिंग और मेडिकल जैसे प्रतिष्ठित क्षेत्रों में प्रवेश के इच्छुक छात्रों के लिए
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