सम्पादकीय

सम्पादकीय

कब तक सरपंचों, पार्षदों के हक का उपयोग करते रहेंगे पति?

 डॉ. प्रियंका सौरभ भारत में लोकतंत्र की जड़ें केवल संसद, विधानसभा और बड़े राजनीतिक मंचों में नहीं, बल्कि गांवों, कस्बों

Read More
सम्पादकीय

दिग्गज गेंदबाज़ों पर भारी पड़ा किशोर बल्लेबाज़, “मनु की रविवारीय में पढ़िए”- वैभव सूर्यवंशी में दिखती है भारतीय क्रिकेट की सुनहरी सुबह

वैभव सूर्यवंशी वैभव सूर्यवंशी, भारतीय क्रिकेट का उभरता हुआ एक नया सितारा । जिस उम्र में बच्चे यह तय नहीं

Read More
सम्पादकीय

विकास की अंधी दौड़ में लहूलुहान पर्यावरण, क्षत-विक्षत धरती

विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष पर्यावरण ही स्थायी अर्थव्यवस्था है। सुंदरलाल बहुगुणा भारतीय पर्यावरण आंदोलन के महान पुरोधा सुंदरलाल बहुगुणा

Read More
ख़बरसम्पादकीयस्वास्थ और लाइफ स्टाइल

कानून, नैतिकता और जीवन के बीच चिकित्सक की दुविधा

डॉ. सत्यवान सौरभ आधुनिक चिकित्सा विज्ञान ने मानव जीवन की रक्षा, उपचार और संवर्धन के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियाँ हासिल

Read More
सम्पादकीय

भागदौड़ के बीच खोती ज़िंदगी की ख़ूबसूरती, “मनु की रविवारीय” में पढ़िए : फ़्लैशबैक में लौटने की एक भावुक दास्तान

“ उजाले अपनी यादों को हमारे साथ रहने दो,न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए “ बशीर

Read More
सम्पादकीय

भूत, वर्तमान और भविष्य के बीच उलझा इंसान, “मनु की रविवारीय” में पढ़िए- जीना है तो आज को जी भरकर जिएं

भूत वर्तमान और भविष्य “ये न थी हमारी क़िस्मत कि विसाल-ए-यार होता अगर और जीते रहते, तो यही इंतिज़ार होता”

Read More