सम्पादकीय

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बिहार के राज्य विश्वविद्यालयों को उद्योगों के साथ सशक्त साझेदारी की आवश्यकता

प्रमोद कुमार, पटना, बिहार। उच्च शिक्षा किसी भी राज्य के सामाजिक, आर्थिक एवं तकनीकी विकास का प्रमुख आधार होती है।

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आप मुस्कुराएँ, आप लखनऊ में हैं- “मनु की रविवारीय” आज पढ़िए- तहज़ीब, नफ़ासत और बदलते दौर के बीच अपनी पहचान तलाशता शहर

आप मुस्कुराएँ आप लखनऊ में हैं । जी हाँ ! मुस्कुराने की वजह तो है ! जब मेरी पोस्टिंग लखनऊ

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आँगनवाड़ी प्रणाली का बदलता स्वरूप और भारत का भविष्य

डॉ. प्रियंका सौरभ किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसके प्राकृतिक संसाधनों या भौतिक संपदा में नहीं, बल्कि उसकी मानव

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‘गुंडा’ से गुंडागर्दी तक, “मनु की रविवारीय” में पढ़िए- ननहकू सिंह के बहाने बदलते समाज और शब्दों के मायने

वो एक गुंडा ही तो था , जिसने गुंडा शब्द को इज़्ज़त दिलाई । गुंडा एक किरदार बन पाया ।

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कोकरोच पार्टी, टूलकिट और जेन-जी को भड़काने का षड्यंत्र — परदे के पीछे कौन?

डॉ. प्रियंका सौरभ आज का युग सूचना और संचार का युग है। इंटरनेट, सोशल मीडिया और   डिजिटल प्लेटफॉर्म ने

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