सम्पादकीय

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कुल्हड़ में चाय, धुएं में बातें और टपरी पर जिंदगी, “रविवारीय” में पढ़िए एक ठहराव, एक मुलाकात, एक कहानी

चाय की टपरी एक छोटा सा नाम, पर यादों, मुलाकातों और क़िस्से कहानियों का बड़ा संसार। यह आपको हर जगह

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अंतरिक्ष में भारत की उड़ान : विज्ञान, साहस और आत्मनिर्भरता की नई परिभाषा

डॉ.सत्यवान सौरभ मानव इतिहास की परिधि पर जब भी कोई नया चक्र उभरता है, तो उसमें विज्ञान, कल्पना और आत्मबल

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पीछे नहीं, बराबरी में: केरल के स्कूलों की नई बैठने की व्यवस्था एक क्रांतिकारी कदम

लेखिका: प्रियंका सौरभ भारत के शिक्षा तंत्र में दशकों से एक अदृश्य रेखा बनी रही है — आगे की बेंच

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फाइलों में लटकी तबादला नीति: शिक्षक टकटकी लगाए बैठा है

“ट्रांसफर नीति 2025: नतीजे तैयार, पर इरादे अधूरे!, सीलबंद लॉकरों में बंद शिक्षक की उम्मीदें” “किरदार बदलते हैं, कहानी वही

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मिट्टी से मिट्टी तक, “रविवारीय” में पढ़िए अंतिम यात्रा की निर्विकार सच्चाई

सब कुछ अचानक ही तो होता है… कल तक सब ठीक-ठाक था। कोई चिंता नहीं, कोई अंदेशा नहीं। ज़िंदगी अपने

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