सम्पादकीय

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“इतिहास के नाम एक शोकगीत, “रविवारीय” में आज पढ़िए खगौल में ज़मींदोज़ हुआ एन सी घोष इंस्टीट्यूट”

दानापुर – एन सी घोष इंस्टिट्यूट दानापुर—जो प्राचीन काल में दीनापुर के नाम से जाना जाता था—बिहार की राजधानी पटना

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पुरस्कारों का सौदा: साहित्य के बाज़ार में बिकती संवेदनाएं

साहित्य आज साधना नहीं, सौदेबाज़ी का बाज़ार बनता जा रहा है। नकली संस्थाएं ₹1000-₹2500 लेकर ‘राष्ट्रीय’ और ‘अंतरराष्ट्रीय’ पुरस्कार बांट

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“जश्न या जनसंकट? रॉयल जीत के बाद भगदड़ में दबी इंसानियत की चीख”

विजय की कीमत: भीड़, भगदड़ और एक गंभीर सवाल भारतीय प्रीमियर लीग (आई.पी.एल.) का इतिहास रोमांच, प्रतिस्पर्धा और जुनून से

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इतिहास की परतों में छुपी स्त्री, संस्कृति और सभ्यता का पुनर्पाठ

राखीगढ़ी: भारत की स्त्री-केंद्रित सभ्यता की झलक हरियाणा स्थित राखीगढ़ी हड़प्पा सभ्यता का सबसे बड़ा स्थल है, जहाँ से मिले

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फर्जी रिश्तों का व्यापार: शादी नहीं, ठगी का धंधा

दुल्हन फर्जी, रिश्ता असली बेवकूफी का! भारत में शादियों को लेकर एक सांस्कृतिक उत्सव, पारिवारिक प्रतिष्ठा और भावनात्मक जुड़ाव की

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व्यक्ति विशेष: नीलोत्पल मृणाल सक्षम भारत परियोजना के माध्यम से सशक्तिकरण और न्याय के पक्षधर

नीलोत्पल मृणाल एक बहुआयामी व्यक्तित्व हैं — महाराष्ट्र बीजेपी उत्तर भारतीय मोर्चा के उपाध्यक्ष, सफल उद्यमी, लेखक, सामाजिक प्रभावशाली व्यक्ति

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