डीप टेक की एडवांस डिजिटल सेवाएं ग्राहकों तक पहुंचाना जियो का अगला फोकस: आकाश अंबानी
नई दिल्ली, 17 जुलाई, 2026: जियो प्लेटफॉर्म्स खुद को डीप टेक कंपनी के रूप में स्थापित करते हुए अपनी तकनीकों को आम ग्राहकों तक डिजिटल सेवाओं के रूप में पहुंचाने पर फोकस कर रहा है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के Q1 FY2026-27 नतीजों में जियो की तकनीकी दिशा, डिजिटल सर्विसेज की ग्रोथ और पब्लिक लिस्टिंग की तैयारी, तीनों संकेत एक साथ सामने आए हैं।
जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश एम. अंबानी ने कहा, “जियो ने खुद को एक डीप टेक कंपनी के तौर पर स्थापित किया है और कई एडवांस्ड टेक्नोलॉजीज में तेज इनोवेशन करके दिखाया है। हमारा इरादा है कि इन तकनीकों के जरिए भारत के हर नागरिक तक लगातार नई डिजिटल सेवाएं पहुंचें और जियो आने वाले कई वर्षों तक इंडस्ट्री में अग्रणी ग्रोथ देता रहे। भारत में पब्लिकली लिस्टेड कंपनी बनने की अपनी यात्रा के अगले चरण की ओर बढ़ते हुए, हम अपना डीप टेक फोकस बनाए रखेंगे और डिजिटल कनेक्टिविटी व डिजिटल सेवाओं की पहुंच को और व्यापक बनाएंगे।”
जियो की यह दिशा उसके पेटेंट पोर्टफोलियो और ग्लोबल रैंकिंग में भी दिखती है। WIPO की ताजा PCT रैंकिंग में जियो प्लेटफॉर्म्स ग्लोबल टॉप 20 में पहुंचा है। कंपनी ने वर्ष 2025 की सूची में 320 पायदान की छलांग लगाई। कंपनी का पेटेंट पोर्टफोलियो 5G, 5G एडवांस्ड, 6G, AI, AI-नेटिव नेटवर्क, क्लाउड-नेटिव प्लेटफॉर्म, इंटेलिजेंट ऑटोमेशन, एज इंटेलिजेंस, फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस और डिजिटल सर्विसेज इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी तकनीकों पर केंद्रित है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश डी. अंबानी ने भी जियो की डिजिटल सर्विसेज ग्रोथ को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि तिमाही के दौरान डिजिटल सर्विसेज बिजनेस ने अपनी ग्रोथ मोमेंटम जारी रखी। मोबिलिटी, होम ब्रॉडबैंड और एंटरप्राइज सर्विसेज में जियो का प्रदर्शन मजबूत रहा, जिससे कमाई में 15% Y-o-Y की शानदार ग्रोथ दर्ज हुई।
इसी तिमाही में जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड ने SEBI के पास अपना DRHP फाइल किया है। मुकेश अंबानी ने इसे जियो की पब्लिक लिस्टिंग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि आगामी IPO जियो की यात्रा में महत्वपूर्ण पड़ाव होगा और निवेशकों को भारत की डिजिटल ग्रोथ स्टोरी में भागीदारी का अवसर देगा।
इन संकेतों से साफ है कि जियो की अगली पारी केवल नेटवर्क या ग्राहक संख्या तक सीमित नहीं है। कंपनी डीप टेक, पेटेंट, डिजिटल सेवाओं और पब्लिक लिस्टिंग के सहारे अपने अगले विस्तार की तैयारी कर रही है।
