पटना में पारंपरिक गरबा महोत्सव का आयोजन, भारतीय संस्कृति और परंपराओं को दिया गया महत्व
पटना : बिहार की राजधानी पटना में एसएंडएम इवेंट क्राफ्ट्स (S&M Event Krafts) की ओर से पारंपरिक गरबा महोत्सव का आयोजन किया गया।
संस्था के संस्थापक शुभम सिंह और मनीष कुमार के नेतृत्व में आयोजित इस महोत्सव में भारतीय संस्कृति, परंपरा, रीति-रिवाजों और संस्कारों को प्रमुखता देने पर जोर दिया गया।
आयोजकों के अनुसार, गरबा केवल नृत्य और मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और सामूहिक सहभागिता का प्रतीक है। गरबा की वास्तविक पहचान उसकी पारंपरिक शैली, लोक संस्कृति और सांस्कृतिक मूल्यों में निहित है। ऐसे में गरबा के नाम पर केवल डीजे नाइट आयोजित करने के बजाय इसकी मूल परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करना आवश्यक है।
एसएंडएम इवेंट क्राफ्ट्स ने अपने आयोजन के माध्यम से पारंपरिक गरबा संस्कृति को प्रोत्साहित करने और लोगों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का प्रयास किया।
संस्था के संस्थापक शुभम सिंह और मनीष कुमार ने पारंपरिक गरबा के महत्व को रेखांकित करते हुए संस्कृति और संस्कारों पर आधारित आयोजनों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक आयोजनों की सार्थकता तभी है, जब उनमें मनोरंजन के साथ-साथ अपनी परंपराओं और विरासत के प्रति सम्मान की भावना भी बनी रहे। गरबा जैसे पारंपरिक उत्सव नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से परिचित कराने और सांस्कृतिक मूल्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
एसएंडएम इवेंट क्राफ्ट्स ने आयोजित महोत्सव को मिले जनसमर्थन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए समस्त पटनावासियों के प्रति आभार जताया।
आयोजकों ने कहा कि लोगों की भागीदारी और उत्साह ने पारंपरिक गरबा को बढ़ावा देने के उनके प्रयास को प्रोत्साहित किया है।
संस्था ने भविष्य में भी भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को केंद्र में रखकर कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई।
