गया को पुलिस जोन बनाया जाना चाहिए:विशाल दफ्तुआर
एचआरयूएफ चेयरमैन ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लिखा पत्र
बिहार की सांस्कृतिक राजधानी और दूसरा सबसे बड़ा शहर “गया” को पुलिस जोन बनाया जाना चाहिए।गया के साथ ऐसी उपेक्षा करना बेहद अफसोसनाक और असमयानुकूल है।मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को इस पर त्वरित विचार करके समयानुकूल निर्णय लेना चाहिए।
“गया” को पुलिस जोन बनाने के लिये मशहूर अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार कार्यकर्ता और वैश्विक स्तर की संस्था “ह्यूमन राईट्स अम्ब्रेला फाउंडेशन- एचआरयूएफ” के फाउंडर चेयरमैन विशाल रंजन दफ्तुआर ने पहल की है।उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखा है।
विशाल दफ्तुआर ने पत्र में लिखा है कि वर्ष 1982 में जब पुलिस जोन की व्यवस्था की गई थी तभी “गया” को पुलिस जोन बनाया जाना चाहिए था।अब इस ऐतिहासिक भूल में सुधार किया जाना चाहिए।
पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और दरभंगा पुलिस जोन बने और गया न बने यह बेहद अप्रासंगिक प्रतीत होता है।
सवाल यह भी उठता है कि पटना से मुजफ्फरपुर की दूरी मात्र 70 किलोमीटर है और वह पुलिस जोन है जबकि पटना से गया की दूरी 100 किलोमीटर है और वह पुलिस जोन नहीं है?
गया बिहार का दूसरा सबसे बड़ा शहर है।साथ ही यह बिहार का इकलौता अंतर्राष्ट्रीय शहर भी है।गया को बिहार की सांस्कृतिक राजधानी भी कहा जाता है। गया हिन्दुओं और बौद्ध धर्मावलंबियों का एक बेहद पवित्र नगर है।सालों भर यहाँ देशी- विदेशी तीर्थयात्रियों और श्रद्धालुओं का आगमन होते रहता है।
हिन्दूओं के विश्व विख्यात “पितृपक्ष मेला” के वार्षिक आयोजन में लाखों तीर्थयात्री आते हैं।बोध गया में बौद्धों के धार्मिक आयोजन में भी लाखों श्रद्धालुओं का आगमन होता है। मुस्लिम धर्मावलंबियों की आस्था से जुड़े भी कई धार्मिक स्थल गया में है। बिहार का सबसे समृद्ध ऐतिहासिक महत्व वाला शहर “गया” है।
इतना महत्वपूर्ण शहर होने के बाद भी इसे मुजफ्फरपुर, भागलपुर तो छोड़िये दरभंगा से भी कमतर आंका जाता रहा है!! क्यों?
वर्ष 2019 के अगस्त में जब पुलिस जोन व्यवस्था को खत्म करके 12 पुलिस रेंज बनाये गये थे।उस समय “गया” को अपग्रेड करके यहाँ पर रेंज आईजी की तैनाती की गई थी।गौरतलब है कि उस वक्त पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और पूर्णिया में रेंज आईजी की तैनाती की गई थी जबकि शेष सात स्थानों शाहाबाद,मुंगेर, कोसी, चंपारण, दरभंगा, सारण और बेगूसराय में रेंज डीआईजी की तैनाती की गई थी।तब दरभंगा में रेंज आईजी की बजाय रेंज डीआईजी की व्यवस्था की गई थी। बेगूसराय को पहली मर्तबा नया पुलिस रेंज बनाया पहल था जबकि गया और पूर्णिया को रेंज डीआईजी से अपग्रेड करके रेंज आईजी की तैनाती की व्यवस्था की गई थी।उस समय गया के अंतर्राष्ट्रीय महत्व और उपयोगिता को बिहार सरकार ने उचित स्थान दिया था जिससे उसको पिछली सरकारों के अप्रासंगिक निर्णयों में नजरअंदाज किया जाता रहा था।
अब बिहार सरकार के नये फैसले में बिहार में पटना,मुजफ्फरपुर,भागलपुर और दरभंगा में पुलिस जोन की व्यवस्था की गई है।लेकिन इसमें गया को नजरअंदाज करना बिल्कुल गलत है। बिहार सरकार को शीघ्र निर्णय करके गया को पुलिस जोन बनाना जाना चाहिए ताकि गया को उसका उचित अधिकार मिलना चाहिए ताकि जनभावना का सम्मान हो।इसके अतिरिक्त कानून व्यवस्था के सफल और सुचारू संचालन हेतु गया को पुलिस जोन बनाया जाना समयानुकूल होगा।
