इस्कॉन मंदिर में नेशनल सिल्क एक्सपो का शुभारंभ
150 से अधिक बुनकरों ने प्रदर्शित किए पारंपरिक और आधुनिक डिजाइनों के सिल्क परिधान
पटना। राजधानी पटना के बुद्ध मार्ग स्थित इस्कॉन मंदिर सभागार में नेशनल सिल्क एक्सपो का भव्य शुभारंभ हुआ। 23 से 29 जुलाई तक चलने वाले इस सात दिवसीय एक्सपो में देशभर के 150 से अधिक बुनकर और हस्तशिल्प कारीगर अपने उत्कृष्ट सिल्क, कॉटन और एथनिक परिधानों का प्रदर्शन एवं बिक्री कर रहे हैं। एक्सपो का शुभारंभ मुख्य अतिथि विधान पार्षद, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता व मीडिया सह-प्रमुख संजय मयूख, विशिष्ट अतिथि सेंट्रल यूनिवर्सिटी की सीनियर असिस्टेंट प्रोफेसर रश्मि मयूख एवं वीवर्स एंड हस्तकला डेवलपमेंट फाउंडेशन के सचिव जयस कुमार गुप्ता के द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि संजय मयूख ने नेशनल सिल्क एक्सपो के आयोजकों को पटना में इस बेहतरीन आयोजन के लिए अपनी शुभकामनाएं दी। वहीं विशिष्ट अतिथि रश्मि मयूख ने पटनावासिओं से इस प्रदर्शनी में आकर बुनकरों के उत्पाद को खरीदकर उनका उत्साहवर्धन करने की अपील की। पहले ही दिन बड़ी संख्या में लोगों ने प्रदर्शनी का भ्रमण किया और विभिन्न राज्यों की पारंपरिक साड़ियों व परिधानों की खरीदारी की। प्रदर्शनी में बनारसी सिल्क, कांजीवरम, भागलपुरी सिल्क, पैठणी, महेश्वरी, चंदेरी, तसर, मूंगा, क्रेप, जॉर्जेट, उपाड़ा सहित देश के विभिन्न राज्यों की प्रसिद्ध साड़ियों का विशाल संग्रह उपलब्ध है। इसके अलावा सूट, ड्रेस मटेरियल, फैशन ज्वेलरी और अन्य एथनिक उत्पाद भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। शादी और त्योहारों के सीजन को ध्यान में रखते हुए नवीनतम डिजाइनों का विशेष कलेक्शन प्रस्तुत किया गया है। बुनकरों द्वारा कई उत्पादों पर 50 प्रतिशत तक की विशेष छूट भी दी जा रही है।
वीवर्स एंड हस्तकला डेवलपमेंट फाउंडेशन के सचिव जयस कुमार गुप्ता ने कहा कि नेशनल सिल्क एक्सपो का उद्देश्य देश के बुनकरों और हस्तशिल्प कारीगरों को सीधे ग्राहकों से जोड़ना है। यह प्रदर्शनी भारतीय हस्तकरघा और पारंपरिक बुनाई की समृद्ध विरासत को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। यहां ग्राहकों को एक ही स्थान पर देशभर के श्रेष्ठ सिल्क उत्पाद उचित मूल्य पर मिल रहे हैं। हमें विश्वास है कि पटना के लोग इस एक्सपो को भरपूर सहयोग देंगे और स्थानीय बुनकरों को प्रोत्साहित करेंगे। उन्होंने कहा कि एक्सपो में आने वाले प्रत्येक ग्राहक को गुणवत्ता, विविधता और उचित मूल्य का बेहतरीन अनुभव मिलेगा। उन्होंने लोगों से परिवार सहित प्रदर्शनी में आने और भारतीय बुनकरों के हाथों से तैयार उत्पादों की खरीदारी कर वोकल फॉर लोकल अभियान को मजबूत बनाने की अपील की। नेशनल सिल्क एक्सपो प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक आम लोगों के लिए खुला रहेगा। प्रदर्शनी में प्रवेश निःशुल्क है और खरीदारी के लिए सभी प्रमुख डिजिटल भुगतान सुविधाएं उपलब्ध हैं।
