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2025 में 5G ने बदला भारत का डेटा कंजम्प्शन पैटर्न, जियो के नाम रहा डिजिटल ग्रोथ का साल

23.4 करोड़ यूजर्स के जियो ट्रू 5G पर माइग्रेशन से डेटा खपत में ऐतिहासिक उछाल
• 50 करोड़ सब्सक्राइबर और 162 एक्साबाइट डेटा ट्रैफिक के साथ जियो ने बनाया रिकॉर्ड
• 2026 में Jio Platforms के IPO का ऐलान, दुनिया का नंबर-1 FWA नेटवर्क बना जियो

साल 2025 भारत के डिजिटल सफर में एक निर्णायक मोड़ के रूप में दर्ज हुआ, जहां 5G टेक्नोलॉजी ने न केवल नेटवर्क स्पीड बढ़ाई, बल्कि देश के डेटा उपयोग के तौर-तरीकों को ही बदल कर रख दिया। इस बदलाव के केंद्र में रहा रिलायंस जियो, जिसने बड़े पैमाने पर 5G माइग्रेशन के जरिए भारत को एक नए डेटा युग में पहुंचा दिया।

जियो नेटवर्क पर वर्ष 2025 के दौरान 23.4 करोड़ से अधिक यूजर्स का जियो ट्रू 5G पर माइग्रेशन हुआ, जिसका सीधा असर डेटा कंजम्प्शन पैटर्न में दिखा। जनवरी 2025 में जहां प्रति यूजर औसतन मासिक डेटा खपत 32.3 जीबी थी, वहीं वर्ष के अंत तक यह बढ़कर 38.7 जीबी तक पहुंच गई। आज जियो के कुल वायरलेस डेटा ट्रैफिक का करीब 50 प्रतिशत हिस्सा 5G से आ रहा है, जो यह दर्शाता है कि हाई-स्पीड कनेक्टिविटी अब भारत में मेनस्ट्रीम बन चुकी है।

5G नेटवर्क की तेज़ स्पीड और बेहतर एफिशिएंसी ने वीडियो स्ट्रीमिंग, क्लाउड-आधारित सेवाओं, ऑनलाइन गेमिंग और डिजिटल वर्कस्पेस जैसे उपयोगों को नई रफ्तार दी। जियो का दावा है कि उसके 5G नेटवर्क की स्पीड प्रतिस्पर्धियों की तुलना में 1.4 गुना तेज है, जबकि प्रोडक्टिविटी तीन गुना तक बढ़ी है। खास बात यह रही कि शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण भारत में भी 5G का विस्तार तेज़ी से हुआ, जहां साइट ग्रोथ दोगुना से भी अधिक दर्ज की गई।

नेटवर्क उपयोग में इस तेज़ उछाल के साथ जियो ने सब्सक्राइबर बेस के मोर्चे पर भी नया इतिहास रचा। सितंबर 2025 में कंपनी ने 50 करोड़ सब्सक्राइबर का आंकड़ा पार कर लिया, जबकि अक्टूबर के अंत तक कुल यूजर्स की संख्या 50.93 करोड़ तक पहुंच गई। वर्ष के पहले दस महीनों में ही जियो ने करीब 2.72 करोड़ नए सब्सक्राइबर जोड़े।

ट्रैफिक वॉल्यूम के लिहाज से जियो दुनिया का सबसे बड़ा मोबाइल डेटा नेटवर्क बना रहा। बढ़ते डेटा उपयोग का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि जनवरी से सितंबर 2025 के बीच जियो नेटवर्क पर कुल 162 एक्साबाइट डेटा ट्रैफिक दर्ज किया गया। सिर्फ एक तिमाही में डेटा ट्रैफिक में 11.9 एक्साबाइट की बढ़ोतरी होना, नेटवर्क की क्षमता और उपयोगकर्ताओं की बदलती आदतों दोनों को दर्शाता है।

साल 2025 में प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ के दौरान जियो 5G नेटवर्क की क्षमता का बड़े पैमाने पर वास्तविक परीक्षण भी देखने को मिला। महाकुंभ मेले में जियो नेटवर्क पर रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु जुड़े। मौनी अमवस्या स्नान के दिन, यानी एक ही दिन में जियो ट्रू 5G नेटवर्क पर करीब 2 करोड़ वॉयस कॉल हुए और 40 करोड़ डेटा सर्विस रिक्वेस्ट सफलतापूर्वक हैंडल किए गए। यह जियो के स्टैंडअलोन 5G नेटवर्क की उस मजबूती को दर्शाता है, जो अत्यधिक भीड़ और भारी डेटा उपयोग की परिस्थितियों में भी निर्बाध सेवाएं देने में सक्षम है।

साल 2025 में जियो की वैश्विक पहचान को और मजबूती मिली उसके फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA) कारोबार से। जियो एयरफाइबर जुलाई 2025 में सब्सक्राइबर संख्या के आधार पर दुनिया का नंबर-1 FWA प्रोवाइडर बन गया। हर महीने करीब 10 लाख नए होम कनेक्शन जोड़ते हुए जियो एयरफाइबर के यूजर्स की संख्या 1 करोड़ से अधिक हो गई, जिससे यह दुनिया का सबसे बड़ा FWA नेटवर्क बन गया। स्मार्ट सेट-टॉप बॉक्स के जरिए गेमिंग, एंटरटेनमेंट और क्लाउड सेवाओं का इंटीग्रेशन, इस सेवा को घरेलू डिजिटल इकोसिस्टम का अहम हिस्सा बना रहा।

टेक्नोलॉजी के मोर्चे पर भी 2025 जियो के लिए अहम रहा। स्वदेशी 5G और UBR आधारित FWA स्टैक, 5G–6G से जुड़े 3,400 से अधिक पेटेंट फाइलिंग, और बड़े पैमाने पर UBR की तैनाती ने जियो को डीप-टेक इनोवेशन के अग्रणी खिलाड़ियों में खड़ा किया। कंपनी का इन-हाउस OSS/BSS प्लेटफॉर्म अब न केवल भारत, बल्कि वैश्विक बाजारों के लिए भी तैयार माना जा रहा है।

साल के अंत में जियो की ग्रोथ स्टोरी को एक नया आयाम मिला, जब 48वीं रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की एजीएम में मुकेश अंबानी ने Jio Platforms के आईपीओ की आधिकारिक घोषणा की। कंपनी ने घोषणा की है कि यह आईपीओ 2026 की पहली छमाही में लाया जाएगा। बाजार जानकारों के मुताबिक, यह भारत की अब तक की सबसे बड़ी पब्लिक लिस्टिंग में से एक हो सकती है, जो जियो के नेटवर्क स्केल, डेटा ग्रोथ और डिजिटल इकोसिस्टम पर निवेशकों के भरोसे को और मजबूत करेगी।

कुल मिलाकर, 2025 जियो के लिए वह साल रहा जब उसके ट्रू 5G ने भारत के डेटा कंजम्प्शन को नई दिशा दी, कई रिकॉर्ड बनाकर जियो ने अपने वैश्विक लीडरशिप के दावे को और मजबूती के साथ स्थापित किया और 2026 में एक बड़े IPO की नींव रखी।