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एयर, रेल और ICU एम्बुलेंस नेटवर्क के जरिए देशभर में गंभीर मरीजों को मिल रही जीवनदायिनी सुविधा

भारत में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में तेजी से अपनी मजबूत पहचान बना रही “आयु सेवा एयर एंड ट्रेन एम्बुलेंस” आज गंभीर मरीजों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर उभरी है। सुबासमन प्राइवेट लिमिटेड की इकाई के रूप में कार्यरत यह संस्था देशभर में एयर, रेल और सड़क मार्ग से ICU एम्बुलेंस सेवाएं उपलब्ध कराते हुए स्वास्थ्य सेवा गतिशीलता को नई दिशा दे रही है।

वर्ष 2016 में स्थापित आयु सेवा की शुरुआत एक स्पष्ट उद्देश्य के साथ हुई थी—ऐसे मरीजों तक समय पर उन्नत चिकित्सा परिवहन सुविधा पहुंचाना, जिनकी जिंदगी हर मिनट पर निर्भर करती है। आज जब गंभीर मरीजों को एक शहर से दूसरे शहर या बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पतालों तक पहुंचाना बड़ी चुनौती बना हुआ है, तब आयु सेवा ने अपने संगठित और तकनीक आधारित नेटवर्क के जरिए इस चुनौती को काफी हद तक आसान बनाया है।

संस्था द्वारा विकसित “बेड टू बेड ट्रांसफर सिस्टम” इसकी सबसे बड़ी विशेषताओं में शामिल है। मरीज को उसके घर, स्थानीय अस्पताल या दुर्घटना स्थल से लेकर गंतव्य अस्पताल तक लगातार चिकित्सकीय निगरानी और जीवन रक्षक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। संस्था की ICU एम्बुलेंस अत्याधुनिक वेंटिलेटर, कार्डियक मॉनिटर, इन्फ्यूजन पंप सहित अन्य आधुनिक उपकरणों से लैस हैं, जबकि प्रशिक्षित डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की टीम हर परिस्थिति में मरीज की सुरक्षा सुनिश्चित करती है।

कार्डियक इमरजेंसी, ट्रॉमा, नवजात शिशु स्थानांतरण और गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों में आयु सेवा ने अपनी विशेष विशेषज्ञता स्थापित की है। शुरुआत में रेल एम्बुलेंस को किफायती माध्यम के रूप में शुरू करने वाली यह संस्था आज एयर एम्बुलेंस सेवा के क्षेत्र में भी तेजी से विस्तार कर रही है। इसके माध्यम से देश के विभिन्न शहरों, राज्यों और अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों तक मरीजों का सुरक्षित स्थानांतरण संभव हो पा रहा है।

आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्तमान में आयु सेवा देश के 108 प्रमुख शहरों में सक्रिय है और अब तक 47 हजार से अधिक गंभीर मरीजों का सफलतापूर्वक ट्रांसफर कर चुकी है। यह उपलब्धि न केवल संस्था की कार्यक्षमता को दर्शाती है, बल्कि देश में तेजी से विकसित हो रहे आपातकालीन चिकित्सा नेटवर्क की तस्वीर भी प्रस्तुत करती है।

संस्था अब अस्पताल साझेदारी, कॉर्पोरेट हेल्थ सहयोग और तकनीक आधारित आपातकालीन समन्वय प्रणाली को और अधिक मजबूत करने में जुटी है। मोबाइल एप्लीकेशन, IoT तकनीक और केंद्रीकृत कमांड सेंटर के माध्यम से आपातकालीन सेवाओं को अधिक प्रभावी और त्वरित बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।

आयु सेवा के प्रतिनिधियों का कहना है कि संस्था का लक्ष्य केवल मरीजों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाना नहीं, बल्कि देशभर में एक ऐसा आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा नेटवर्क तैयार करना है, जहां किसी भी मरीज को चिकित्सकीय परिवहन के अभाव में अपना बहुमूल्य समय न गंवाना पड़े।

आज के दौर में जब स्वास्थ्य सेवाओं में समय सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है, तब आयु सेवा का यह प्रयास निश्चित रूप से देश की आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को नई मजबूती देने वाला साबित हो रहा है।

अनूप नारायण सिंह

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