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भ्रामक और आपत्तिजनक सामग्री पर सख्त कार्रवाई जारी, 823 आपत्तिजनक यूआरएल हटाए गए, अफवाह फैलाने वालों को दी कड़ी चेतावनी

पटना, 27 जून। सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू हो गई है।

बिहार पुलिस की साइबर इकाइयों ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक, भ्रामक एवं विधि-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली सामग्री प्रसारित करने वालों के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई की है। मार्च से जून 2026 के बीच राज्यभर में ऐसे मामलों में 128 प्राथमिकी दर्ज की गईं, जबकि 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा, आपत्तिजनक और भ्रामक सामग्री प्रसारित करने वाले 9 सोशल मीडिया हैंडल, आईडी और चैनलों को भी हटाया (डिलीट) गया।

संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के खिलाफ फैलाया जा रहा था भ्रामक प्रचार

बिहार पुलिस के अनुसार हटाए गए सभी 9 सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों, आम नागरिकों तथा अन्य लोगों के विरुद्ध निराधार, भ्रामक और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित की जा रही थी। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित आईडी और चैनलों को हटवाया गया।

453 टेकडाउन नोटिस, 823 आपत्तिजनक यूआरएल हटाए गए

मार्च से जून 2026 के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और संबंधित सेवा प्रदाताओं को कुल 453 टेकडाउन नोटिस जारी किए गए। इन नोटिसों के माध्यम से 856 आपत्तिजनक यूआरएल हटाने का अनुरोध किया गया, जिनमें से 823 यूआरएल सफलतापूर्वक हटाए जा चुके हैं। संवैधानिक पदों और गणमान्य व्यक्तियों से जुड़े आपत्तिजनक पोस्ट पर विशेष निगरानी रखते हुए पुलिस का अभियान लगातार जारी है।

अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ जारी रहेगी सख्त कानूनी कार्रवाई

बिहार पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर अफवाह फैलाने, आधारहीन एवं भ्रामक सूचना प्रसारित करने, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने अथवा किसी व्यक्ति की गरिमा को ठेस पहुंचाने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध कानून के तहत कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

जनता से सहयोग की अपील

बिहार पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी अपुष्ट या भ्रामक जानकारी को साझा करने से बचें। साथ ही, यदि कोई आपत्तिजनक, संदिग्ध या भ्रामक पोस्ट वायरल होती दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल संबंधित साइबर थाना या स्थानीय पुलिस को दें। पुलिस का कहना है कि आम जनता की जागरूकता और सक्रिय सहभागिता से फेक न्यूज और अफवाहों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।

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