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टैलेन्ट के दम पर पुलिस की नौकरी ली और शौक खींच लाया फिल्मों में भी

रेलवे में कार्यरत ग्राम नवलपुर, जिला सिवान के जूठन माझी ने सपने में भी नहीं सोचे होंगे की उनका कोई भी बेटा या बेटी फिल्म इंडस्ट्री के तरफ रुख करेगा, पर होता तो वही है जो ईश्वर चाहते हैं।

जूठन मांझी जी के 5 बेटे और 4 बेटियों में प्रदीप तीसरे बेटे हैं और पुलिस डिपार्टमेंट में हेड कॉन्स्टेबल होने के साथ-साथ एक्टर भी हैं।

प्रदीप कुमार स्कूल के ज़माने से ही फिल्मो में अपना भाग्य आजमाना चाहते थे पर ऐसा हुआ नहीं। पढाई में तेज प्रदीप कुमार अपने टैलेंट के दम पर पुलिस डिपार्टमेंट में आ गए।

इसके बावजूद भी दिलो दिमाग में तो एक्टिंग ही घुसा था। इसी बीच इनकी मुलाकात इनके किसी मित्र ने हिंदी भोजपुरी फिल्मो के जाने माने एक्टर धामा वर्मा से करबा दी।

फिर क्या था प्रदीप कुमार “हंस” पत्रिका के संपादक और राष्ट्रीय अंतरास्ट्रीय पुरष्कार विजेता फिल्म “पतंग “के लेखक निर्माता संजय सहाय जी की संस्था रेनेसांस में ड्यूटी से टाइम निकल कर वहां होने बाले नाटकों में हिस्सा लेने लगे।

पिछले दिनों प्रदर्शित फिल्म “यारा तेरी यारी” में नज़र आये प्रदीप कुमार फ़िलहाल दरोगा के तैयारी के साथ-साथ फिल्मो में एक्टिंग के लिए तैयार बैठे हैं। फ़िलहाल दो फिल्मो में इनका काम फ़ाइनल है जो शीघ्र ही स्टार्ट होने वाला है।