बिहार राज्य विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ ने विधिक सहायता के लिए पांच सदस्यीय लीगल कमेटी गठित करने का लिया निर्णय
बिहार राज्य विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ की प्रदेश कार्यकारिणी ने विश्वविद्यालय स्वायत्त व्यवस्था के समर्थन में लिया जनआंदोलन करने का फैसला
पटना. आज दिनांक 28 अक्टूबर 2026 को आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय, पटना के प्रांगण में बिहार राज्य विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक का आयोजन किया गया। उक्त बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष शंकर यादव एवं संचालन महासंघ के प्रदेश महासचिव राघवेन्द्र कुमार ने किया। राज्य के 14 विश्वविद्यालयों के संघ के अध्यक्ष, सचिव एवं कार्यकारिणी के सदस्यों के साथ शामिल हुए।
सभी विश्वविद्यालयों के संघ के अध्यक्ष एवं सचिव के द्वारा यह संकलपतृ किया गया है कि राज्य के विश्वविद्यालयों को पूर्व से जारी स्वायत्त व्यवस्था के परिवर्तन के विरोध में जनआंदोलन के साथ विरोध किया जाएगा। वर्तमान में भिन्न प्रकार के प्रस्तावित परिनियमों एवं नियमावली में कई प्रकार के विधिक विरोधाभासी प्रावधानों के साथ कर्मचारियों की सेवा के सामान्य शर्तों में संशोधन का एवं कुलपतियों के उपर लगे बंधेज पर सर्वसम्मति के साथ असहमति प्रगट किया गया और निर्णय लिया गया कि कुलाधिपति से प्रस्तावित संशोधन पर पुर्नविचार की मांग की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा यदि शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के पदों पर गैर-शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को प्रभार दिया जाएगा तो उक्त विषय पर लोकभवन के माध्यम कार्रवाई की मांग तप तो इंटर नया गया कि बिहार राज्य 2027 तक संपन्न करा लिया विश्वविद्यालय कर्मचारी महास जाएगा। संगठन मंत्री राजेश्वर राय ने संघ के विस्तार को प्रभावी करने का संदेश दिया।
मगघ विश्वविद्यालय एवं पटना विश्वविद्यालय के अध्यक्षों के द्वारा दिए गए सलाह पर किसी भी कर्मी को कानूनी प्रावधानों के साथ मदद उपलब्ध कराने के लिए महासंघ स्तर लिगल कमिटि का गठन करने का निर्णय लिया गया, जिसमें पांच सदस्यों का चयन किया गया। आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय प्रशासन के सहयोग के लिए प्रदेश महासचिव राघवेन्द्र कुमार ने आभार व्यक्त किया साथ ही विश्वविद्यालय संघ के सचिव भारती कुमारी एवं संगठन सचिव सुजित कुमार के द्वारा संयुक्त धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।
