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नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में यूपी में हुए हिंसक प्रदर्शन में शामिल उपद्रवियों पर कारवाई शुरू, हजारों लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी

  • नागरिकता कानून के विरोध की आड़ में यूपी में हिंसा भड़काने के आरोपियों से क्षतिपूर्ति वसूलने की प्रक्रिया शुरू
  • पूरे यूपी में 130 लोगों को नोटिस भेजा गया है। इनसे क्षतिपूर्ति के रूप में करीब 50 लाख रुपये की वसूली होगी
  • रामपुर में प्रशासन ने 28 लोगों को नोटिस भेजा, संभल में 26, बिजनौर में 43, गोरखपुर में 33 लोगों को नोटिस

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून CAA के विरोध में हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। आपको बताते चलें कि विगत 19 दिसंबर को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इस कानून के विरोध में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी। प्रशासन ने 19 दिसम्बर को भड़की हिंसा में शामिल उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कार्रवाई के अंतर्गत पुरे यूपी में सैकड़ो लोगों को नोटिस भेजी जा चुकी है और अभी भी लोगों को पहचान की प्रक्रिया जारी है।

रामपुर में प्रशासन ने 28 लोगों को नोटिस भेजा है। इसी तरह संभल में 26, बिजनौर में 43 और गोरखपुर में 33 लोगों को नोटिस दिया गया है। हिंसा के दौरान रामपुर में करीब 14.8 लाख रुपये की सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। वहीं, संभल में 15 लाख और बिजनौर में 19.7 लाख का नुकसान हुआ है। वहीं, गोरखपुर में अभी अधिकारी नुकसान का आंकलन कर रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक अब तक दस हजार से अधिक लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा चूका है। हजारों लोगों को गिरफ्तारी भी हुई है। नागरिकता संशोधन कानून CAA के लागु होने के बाद राज्य में भड़की हिंसा और उपद्रव के दौरान सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को काफी नुकसान हुआ था। इसलिए राज्य सरकार ने नुकसान की भरपाई उपद्रव करने वालों से ही करने का फैसला किया है। इस बाबत खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आदेश जारी की थी। अब सरकार की तरफ से हिंसा करने वालों को चिन्हित कर के उन्हें नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके तहत हिंसा में शामिल लोगों के नाम से उनके घर पर नोटिस भेजा जाएगा और एक हफ्ते में उन्हें अपना पक्ष रखना होगा। इसके बाद अगर वो खुद को निर्दोष साबित नहीं कर पाते हैं तो उन्हें एक तय राशि का भुगतान सरकार को क्षतिपूर्ति के तौर पर करना होगा। निर्धारित राशि न देने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी, जिसमें जेल जाना भी शामिल है।

उधर एक मीडिया सूत्र के मुताबिक लखनऊ हिंसा को लेकर परत दर परत रोज नए-नए चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. सूत्रों की मानें तो 19 दिसंबर को लखनऊ में उपद्रवियों ने जो हिंसा का नंगा नाच किया. उसके तार अब कश्मीर से जुड़ने लगे हैं. बताया जा रहा है कि लखनऊ में हिंसा फैलाने के लिए कश्मीर से पत्थरबाजों को बुलाया गया था. और लखनऊ के अलग-अलग हॉस्टलों में इन लोगों को ठहराया गया था.

उधर जिन परिवारों को संपत्ति जब्त करने की नोटिस भेजी गई है वो खुद को निर्दोष बता रहे हैं। हालांकि प्रशासन की तरफ से कार्रवाई का सिलसिला अभी भी जारी है।