गंगा में समाया भागलपुर विक्रमशिला सेतु का 133 नंबर पिलर, किसी तरह की जान माल के नुकसान की खबर नही
भागलपुर में गंगा नदी पर बने विक्रमशिला सेतु का 133 नंबर पिलर रविवार देर रात ध्वस्त होकर नदी में समा गया, जिससे पुल पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। मरम्मत में लापरवाही के कारण हुई इस घटना से बिहार की लाइफलाइन माने जाने वाले इस पुल पर संकट आ गया है और यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है।
गंगा नदी पर बने विक्रमशिला सेतु का 133 नंबर पिलर रविवार देर रात पहले बैठा और फिर ध्वस्त होकर गंगा में समा गया। घटना रविवार रात 11:55 बजे पिलर के बैठने से शुरू हुई और रात 1:07 बजे उसके पूरी तरह गिरने के साथ स्थिति गंभीर हो गई।
पिलर में गड़बड़ी की जानकारी मिलते ही सेतु पर तैनात पुलिसकर्मियों ने तुरंत वरीय अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद प्रभावित हिस्से और आसपास के क्षेत्र को खाली करा लिया गया। इसी वजह से जब स्लैब ध्वस्त हुआ तो उसके साथ कोई वाहन नीचे नहीं गिरा। इस घटना में किसी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है।

घटना के बाद पुल के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। अचानक यातायात बाधित होने से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन और एनएच विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन कर रही है और आगे की कार्रवाई की तैयारी में जुटी है।
विक्रमशिला सेतु भागलपुर और नवगछिया को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है। इसे बिहार की लाइफलाइन माना जाता है। इस पुल के प्रभावित होने से दोनों इलाकों के बीच संपर्क लगभग बाधित हो गया है। रोजाना एक लाख से अधिक लोग इस पुल से गुजरते हैं, जिससे अब आवागमन पर बड़ा असर पड़ा है।विक्रमशीला सेतु भारत का पांचवा सबसे लंबा पुल है।इस सेतु का उद्घाटन वर्ष 2001 मे हुआ था।
