फर्टिलिटी में विश्वास का दूसरा नाम इंदिरा आईवीएफ : तेजस्वी यादव
पटना। इंदिरा आईवीएफ पटना ने अपने 11वें स्थापना दिवस एवं 2 लाख सफल आईवीएफ गर्भधारण की ऐतिहासिक उपलब्धि का भव्य उत्सव मनाया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में नेता प्रतिपक्ष बिहार तेजस्वी यादव, विशिष्ट अतिथियों के रूप में पद्मश्री एवं पद्मभूषण से सम्मानित डॉ. सी पी ठाकुर, दीघा विधायक संजीव चौरसिया, राज्यसभा संसाद संजय यादव, भाजपा नेता मृत्युंजय तिवारी, इंदिरा आईवीएफ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. क्षितिज मुर्डिया, भोजपुरी फिल्म अभिनेत्री एवं गायिका अक्षरा सिंह, बिहार हेड एवं सेंटर हेड डॉ. दयानिधि कुमार, सेंटर क्लिनिकल डायरेक्टर डॉ. सुनीता कुमारी, दीपक ठाकुर, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पारिवारिक सदस्य अंजू जी उपस्थित रहे। बेली रोड स्थित इंदिरा आईवीएफ सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में चिकित्सकों, समाजसेवियों, मरीज परिवारों एवं गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान इंदिरा आईवीएफ की देशभर में 2 लाख सफल आईवीएफ गर्भधारण की उपलब्धि को उन लाखों परिवारों की खुशियों और उम्मीदों से जोड़कर देखा गया, जिन्होंने निःसंतानता की चुनौती के बावजूद पैरेंटहुड का सपना पूरा किया। संस्था द्वारा अत्याधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम तथा गुणवत्तापूर्ण उपचार सेवाओं के माध्यम से फर्टिलिटी के क्षेत्र में किए जा रहे योगदान को भी रेखांकित किया गया।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि नेता प्रतिपक्ष बिहार तेजस्वी यादव ने कहा कि इंदिरा आईवीएफ ने अपने 11वें वर्ष में बिहार में निःसंतानता से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज गाँव-कस्बों तक यह भ्रम काफी हद तक दूर हो गया है कि हर महिला माँ नहीं बन सकती। उन्होंने कहा कि फर्टिलिटी में विश्वास का दूसरा नाम इंदिरा आईवीएफ है। निःसंतानता, जिसे कभी एक अभिशाप माना जाता था, उसके प्रति लोगों की सोच बदलने का काम इंदिरा आईवीएफ ने किया है। बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे भारत में इंदिरा आईवीएफ ने अपने निरंतर प्रयासों और समर्पण से महिलाओं को मातृत्व का सुख प्राप्त करने का अवसर दिया है। इसके लिए मैं इंदिरा आईवीएफ के चेयरपर्सन डॉ. अजय मुर्डिया की भूरी-भूरी प्रशंसा करता हूँ। साथ ही, डॉ. दयानिधि कुमार, बिहार हेड एवं पटना सेंटर हेड को भी इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए हार्दिक धन्यवाद एवं शुभकामनाएँ देता हूँ।
इंदिरा आईवीएफ ग्रुप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. क्षितिज मुर्डिया ने कहा कि 2 लाख सफल आईवीएफ गर्भधारण की उपलब्धि हमारे लिए सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि लाखों परिवारों के विश्वास, संघर्ष और खुशियों की कहानी है। इंदिरा आईवीएफ का प्रयास रहा है कि देश के हर कोने में रहने वाले दंपत्तियों को विश्वस्तरीय फर्टिलिटी उपचार उपलब्ध हो। आधुनिक तकनीक, अनुभवी विशेषज्ञों और वैज्ञानिक उपचार पद्धति के माध्यम से हम लगातार बेहतर परिणाम देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि संस्था भविष्य में भी फर्टिलिटी के क्षेत्र में जागरूकता और गुणवत्तापूर्ण उपचार सेवाओं को और अधिक मजबूत करेगी।
बिहार हेड एवं सेंटर हेड डॉ. दयानिधि कुमार ने कहा कि पटना सेंटर की 11 वर्षों की यात्रा मरीजों के विश्वास और चिकित्सकीय उत्कृष्टता की कहानी है। बिहार और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले हजारों परिवारों ने यहां उपचार प्राप्त कर अपने जीवन में खुशियों का स्वागत किया है। समय पर जांच, सही परामर्श और वैज्ञानिक उपचार के माध्यम से निःसंतानता की समस्या का प्रभावी समाधान संभव है।
सेंटर क्लिनिकल डायरेक्टर डॉ. सुनीता कुमारी ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक दंपत्ति को उनकी पूरी पैरेंटहुड यात्रा में चिकित्सकीय एवं भावनात्मक सहयोग प्रदान करना भी है। आज जागरूकता और सही समय पर विशेषज्ञ से परामर्श के माध्यम से कई जटिल फर्टिलिटी समस्याओं का समाधान संभव है।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण भोजपुरी फिल्म जगत की लोकप्रिय अभिनेत्री एवं गायिका अक्षरा सिंह रहीं। उन्होंने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार की धरती परिवार, संस्कार और रिश्तों की मजबूत परंपरा के लिए जानी जाती है। ऐसे में जब किसी घर में बच्चे की किलकारी गूंजती है तो पूरा परिवार खुशियों से भर जाता है। इंदिरा आईवीएफ ने हजारों परिवारों के इस सपने को साकार करने का काम किया है। मैं उन सभी डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को बधाई देती हूं जो उम्मीद को हकीकत में बदलने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से महिलाओं के स्वास्थ्य और समय पर चिकित्सकीय सलाह के प्रति जागरूक रहने की अपील भी की।
समारोह के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, सम्मान समारोह और मरीजों के अनुभव साझा करने के विशेष सत्रों ने आयोजन को यादगार बना दिया। पूरे कार्यक्रम में बिहार की संस्कृति, आत्मीयता और पारिवारिक मूल्यों की झलक देखने को मिली। अंत में संस्था की ओर से सभी अतिथियों, चिकित्सकों, कर्मचारियों और मरीज परिवारों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और फर्टिलिटी जागरूकता के प्रसार के संकल्प को दोहराया गया। यह आयोजन चिकित्सा उत्कृष्टता, विश्वास और उम्मीद के अनूठे संगम के रूप में यादगार बन गया।
