सम्पादकीय

ख़बरसम्पादकीय

शिक्षक पढ़ाए भी, पोर्टल भी भरे — बिना मोबाइल कैसे चले?

कक्षा में मोबाइल अपराध, पर विभाग के आदेश व्हाट्सऐप पर! – डॉ. सत्यवान सौरभ विद्यालयों में अध्यापकों के मोबाइल फ़ोन

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सम्पादकीय

बुराइयों के दौर में भलमनसाहत की मिसाल, “मनु की रविवारीय में पढ़िए”- खोए मोबाइल ने सिखाया विश्वास का मतलब

इंसानियत कौन कहता है दुनिया से इंसानियत ख़त्म हो गई है । जहाँ एक ओर बड़ी बेरहमी से रिश्तों का

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सम्पादकीय

कैंसल हुई ट्रेन, माइनस तापमान और अनजान देश, “मनु की रविवारीय” में पढ़िए- ऐसे पूरी हुई मेरी स्विट्जरलैंड यात्रा

मेरी स्विट्जरलैंड यात्रा की वो रात चलिए आज हम आपको एक छोटी सी घटना जो मेरे साथ जर्मनी से स्विट्जरलैंड

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सम्पादकीय

तरक्की के दौर में खोती मुस्कान, “मनु की रविवारीय” में पढ़िए- वर्तमान में जीना ही खुशी की कुंजी

खुश रहने का नुस्ख़ा अहले सुबह जब आप सोकर उठते हैं , तो उसका अनुभव ही एक अलग अंदाज़ ए

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सम्पादकीय

बाल श्रम की व्यथा और कठोर श्रम करते हाथ मूल सुविधाओं से वंचित।         

(1 मई ,अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर विशेष) अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 1 मई को मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस केवल

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सम्पादकीय

एक देश, एक पाठ्यक्रम: संघीयता का संकट या शिक्षा क्रांति?

डॉ. सत्यवान सौरभ “रुकने वालों का इतिहास नहीं होता। एक देश–एक पाठ्यक्रम… शिक्षा के नाम पर लूट का विरोध जारी

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