धर्मेंद्र: एक युग की विदाई, एक हीरो का अमरत्व
धर्मेंद्र का जाना सिर्फ एक अभिनेता का जाना नहीं, बल्कि एक युग का शांत हो जाना है। गाँव की मिट्टी
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Read More🖋️ मनीश वर्मा ‘ मनु ‘ स्वतंत्र टिप्पणीकार और विचारक अधिकारी, भारतीय राजस्व सेवा टॉप फ्लोर पर जैसे ही लिफ्ट
Read Moreविश्व हैपीनेस रिपोर्ट की सीमाएँ और भारत में सहानुभूति–ढाँचे की अनिवार्यता विश्व हैपीनेस रिपोर्ट में भारत की निम्न रैंकिंग अक्सर
Read Moreसुरक्षा, कानून और नागरिक चेतना—तीनों मोर्चों पर एक साथ बड़े बदलाव की आवश्यकता भारत को आतंकवाद से निर्णायक रूप से
Read More“गाँव से ग्लोबल तक: डॉ. सत्यवान सौरभ की कलम की उड़ान” (संघर्ष, साहित्य और संवेदना, हरियाणा की माटी से निकला
Read More(अब तक दस पुस्तकों का लेखन, स्नातक की पढ़ाई के दौरान विवाह, सीमित संसाधन, गाँव की पृष्ठभूमि और सामाजिक अपेक्षाओं
Read Moreसमाज को बदलने की शुरुआत: बच्चों को नई दृष्टि देने का संकल्प “समाज बदलने की पहली शर्त यही है कि
Read Moreराष्ट्रीय प्रेस स्वतंत्रता दिवस (16 नवंबर) प्रेस की स्वतंत्रता लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण शर्त है। जब पत्रकार निर्भय होते हैं,
Read Moreलोकतंत्र और बिहार इस बार के बिहार विधानसभा चुनाव में बिहार के लोगों ने अपनी रायशुमारी ज़ोरदार ढंग से जाहिर
Read Moreडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म्स तेज़ मुनाफ़े की दौड़ में कला, संवेदनशीलता और समाजिक मूल्यों को पीछे छोड़ते हुए अश्लीलता को नया ‘मनोरंजन’
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