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पटना में “काव्य और कला” कार्यक्रम का भव्य आयोजन, कविता, संगीत, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियों से सजा मंच

पटना, 31 मई 2026।

बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन, कदमकुआँ, पटना में आयोजित “काव्य और कला – शब्दों से सृजन तक” कार्यक्रम का भव्य आयोजन रविवार को किया गया। कार्यक्रम में कविता, संगीत, नृत्य, नाटक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का शानदार संगम देखने को मिला। आयोजन में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमियों, कलाकारों एवं गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही।

कार्यक्रम का संचालन एंकर निशा, रूपेश सिंह एवं प्रेरणा प्रिया ने अत्यंत प्रभावशाली एवं व्यवस्थित ढंग से किया, जिसकी उपस्थित दर्शकों ने सराहना की।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। दीप प्रज्वलन में अनिल जी, ऋषि कुमार, निशा, मास्टर उज्ज्वल, कुंदन कुमार एवं सुरेश मिश्रा सहित अन्य अतिथिगण शामिल हुए। इसके पश्चात आकर्षक नृत्य प्रस्तुति के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत हुई।

कार्यक्रम के दौरान मंच पर उपस्थित अतिथियों को सम्मानित किया गया। इसके बाद शिवानी एवं सुहानी ने मधुर गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया। वहीं रूपा कर्ण ने अपनी प्रभावशाली कविता प्रस्तुति से साहित्य प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रीति ने अपनी गायकी से समां बांध दिया, जबकि बाल संस्कार शाला के बच्चों द्वारा प्रस्तुत झिझिया नृत्य ने कार्यक्रम में लोक संस्कृति की छटा बिखेर दी।

इसके अलावा विभिन्न कलाकारों द्वारा अनेक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा। कार्यक्रम के समापन अवसर पर विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।

पुरस्कार प्राप्तकर्ता:

कविता विधा: विवेक कुमार

गायन विधा: प्रीति उपाध्याय

नृत्य विधा: अंशु

आयोजकों ने कहा कि “काव्य और कला” का उद्देश्य साहित्य, संगीत, नृत्य एवं अन्य कलाओं को एक साझा मंच प्रदान करना तथा युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम ने इस उद्देश्य को सफलतापूर्वक साकार किया और उपस्थित लोगों को कला एवं साहित्य के प्रति नई ऊर्जा प्रदान की।

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