“100 आइकोनिक वूमेन” की सूची मे शामिल हुई बिहार की डॉ० स्मृति लता सिन्हा, वर्ष 2017 में लघु फिल्म “चिट्ठी” के लिए मिल था सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार
नई दिल्ली स्थित NDMC Convention Centre में आयोजित “100 आइकोनिक वूमेन ऑफ इंडिया 2026” सम्मान समारोह देशभर की प्रतिभाशाली और प्रेरणादायक महिलाओं के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बनकर सामने आया। इस भव्य आयोजन में भारत के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से चयनित 100 महिलाओं को उनके उत्कृष्ट कार्य, संघर्ष और समाज में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में फिल्म अभिनेत्री ऋतु शिवपुरी (Ritu Shivpuri) उपस्थित रहीं, जिन्होंने सभी चयनित महिलाओं को सम्मानित किया।

100 आइकोनिक वूमेन की सूची मे शामिल हुई बिहार की डॉ० स्मृति लता सिन्हा
इस राष्ट्रीय मंच पर बिहार (Bihar) का गौरव बढ़ाते हुए डॉक्टर स्मृति लता सिन्हा को भी सम्मानित किया गया। गाँव की जड़ों से कला और शिक्षा जगत में राष्ट्रीय पहचान तक का सफर तय करने वाली स्मृति सामाजिक सेवा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान रहा है। वर्ष 2017 में लघु फिल्म “चिट्ठी” के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार भी मिला। इससे स्मृति की अंतरराष्ट्रीय पहचान भी बनी। वे थियेटर, संगीत वीडियो और मॉडलिंग कार्यक्रमों मे भी अपनी सक्रीय सहभागिता का प्रदर्शन किया है। यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धियों का प्रतीक है, बल्कि बिहार की महिलाओं की प्रतिभा, सेवा भावना और बढ़ती पहचान को भी राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करता है। ऐसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय मंच पर सम्मानित होना बिहार के लिए गर्व का विषय माना जा रहा है।
समारोह में चिकित्सा, शिक्षा, आईटी, कला, पत्रकारिता, समाज सेवा, प्रशासन, उद्यमिता, मीडिया और फैशन जैसे अनेक क्षेत्रों की महिलाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य देश की उन महिलाओं को पहचान देना था, जिन्होंने संघर्ष से सफलता तक का सफर तय कर समाज के सामने प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
अपने संबोधन में Ritu Shivpuri ने कहा कि आज की महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर नई ऊंचाइयों को छू रही हैं और देश के विकास में अहम भूमिका निभा रही हैं।

कार्यक्रम की आयोजक Tabassum Waqi ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य महिलाओं को आत्मविश्वास, सम्मान और राष्ट्रीय पहचान देना है। उन्होंने कहा कि देश की हर महिला अपनी मेहनत और क्षमता से समाज में बदलाव ला सकती है।
यह आयोजन केवल एक सम्मान समारोह नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, प्रेरणा और उपलब्धियों का उत्सव बनकर उभरा, जिसमें देश की 100 बेटियों की उपलब्धि कई मायनों मे एक अमित छाप बन गई।
