बिहारराज्य

किरायेदारों और निजी संस्थानों के कर्मचारियों का होगा सत्यापन, सूचि नहीं देने पर मालिक पर हो सकती है कार्रवाई

अपराध की रोकथाम के लिए प्रशासन की तरफ से अक्सर कोई न कोई फैसला लिया जाता रहा है. इसी क्रम में सभी थानों को निर्देश जारी किया गया है कि सभी किरायेदारों का वेरिफिकेशन किया जाये. यदि किसी मकान में कोई किरायेदार है और इसकी जानकारी सम्बंधित थाने को नहीं दी गयी है तो मकान मालिक ही परेशानी में पड़ सकते हैं. यदि किरायेदार घर में कार्यरत कोई नौकर या सहयोगी का नाम किसी भी असामाजिक और अपराधिक गतिविधियों में आता है तो मकानमालिक की भूमिका भी तय की जायेगी.

अपराध और शराब तस्करी को लेकर थानों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं. प्राइवेट संस्थान में कार्य करने वाले व्यक्तियों का भी सत्यापन कराया जायेगा. मकान और संस्थान के मालिक किरायेदारों के बारे में स्थानीय प्रशासन को जानकारी देंगे. यदि इसकी जानकारी नहीं दी जाती है तो उस व्यक्ति द्वारा किये गए किसी भी घटना में मकान मालिक या संस्थान के मालिक उसके जिम्मेवार माने जायेंगे.