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मुजफ्फरपुर- क्वारन्टीन कैंप में नियमित रूप से रोजेदारों के लिए सेहरी और इफ्तार का हो रहा है प्रबंध

रमजान का पाक महीना चल रहा है। वैश्विक महामारी के बीच रमजान का महीना चलने से कुछ परेशानियाँ तो जरुर आ रही हैं पर बिहार में राज्य सरकार के द्वारा इस और विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

इसी क्रम में विभिन्न जिलों से अलग-अलग सुविधाओं की खबर आ रही है। मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन की और से भी रोजेदारों के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है। जिले के कांटी क्वारन्टीन कैंप में भी कई रोजेदार रह रहे हैं। अधिकृत सूत्रों के मुताबिक यहाँ नियमित रूप से रोजेदारों के लिए सेहरी और इफ्तार का प्रबंध किया जा रहा है। जिला प्रशासन क्वारन्टीन कैंप में रह रहे लोगों को मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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रमजान के महीने में रोजे रखना मुसलमानों के लिए पाक है। एक महीने तक रोजे रखना का मतलब खुदा में यकीन रखना और उसकी इबादत करना। रोजे में पांच वक्त की नमाज अदा की जाती है। रोजे रखना हर मुसलमान के लिए जरूरी होता है।

रमजान के महीने में दो चीजें सबसे अहम होती है पहला सहरी और दूसरा इफ्तार। सहरी दिन में सूरज के निकलने से पहले किया जाता है जिसमें हर दिन सुबह तय समय पर भोजन किया जाता है। इसके बाद पूरे दिन कुछ भी नहीं खाया जाता। सहरी करने को सुन्नत कहा जाता है। वहीं जब शाम के समय सूरज डूब जाता है तब रोजेदार रोजा खोलते हैं जिसे इफ्तार कहा जाता है।