सोलर डिहाइड्रेशन योजना से बिहार के किसानों को मिलेगा नया बाजार : निखिल चोंदे
रिन्यूएबल एनर्जी एक्सपो 2026 में डीएससीआरडी ने किया अत्याधुनिक सोलर डिहाइड्रेशन सिस्टम का प्रदर्शन
पटना : बिहार में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नाबार्ड समर्थित सोलर डिहाइड्रेशन योजना का क्रियान्वयन डीएससीआरडी (दीप्ती श्रीवास्तव सेंटर फॉर रूरल डेवलपमेंट) द्वारा किया जा रहा है। इस पहल के तहत किसानों, किसान उत्पादक संगठनों, स्वयं सहायता समूहों एवं कृषि उद्यमियों को फल एवं सब्जियों के प्रसंस्करण के माध्यम से अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर मिलेगा। ज्ञान भवन में इंडियन चैम्बर ऑफ कॉमर्स द्वारा आयोजित दो दिवसीय रिन्यूएबल एनर्जी एक्सपो 2026 में स्टॉल संख्या 4 एवं 5 में लगे डीएससीआरडी के स्टॉल पर किसानों एवं उद्यमियों का जमावड़ा लगा। स्टॉल का मुख्य आकर्षण 500 किलोग्राम क्षमता वाले अत्याधुनिक सोलर डिहाइड्रेशन सिस्टम का प्रदर्शन रहा। डीएससीआरडी के संस्थापक संजीव श्रीवास्तव के नेतृत्व में इस योजना के लिए सोलर बास्केट इंजीनियरिंग, पुणे को टेक्नोलॉजी पार्टनर के रूप में जोड़ा गया है। सोलर बास्केट के संस्थापक एवं निदेशक निखिल चोंदे ने कहा कि अत्याधुनिक सोलर डिहाइड्रेशन सिस्टम में 500 किलोग्राम क्षमता का पूर्णतः सौर ऊर्जा आधारित ड्रायर, स्लाइसर जैसी प्री-प्रोसेसिंग मशीनें तथा वजन मशीन, सीलिंग मशीन एवं बेसिक पैकेजिंग उपकरण जैसी पोस्ट-प्रोसेसिंग सुविधाएं शामिल है। यह तकनीक किसानों को सौर ऊर्जा के माध्यम से बड़े पैमाने पर फल एवं सब्जियों का संरक्षण करने में सक्षम बनाएगी। इससे फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान (पोस्ट-हार्वेस्ट लॉस) में कमी आएगी, अतिरिक्त उत्पादन के दौरान कम कीमत पर बिक्री की मजबूरी घटेगी तथा उत्पादों की शेल्फ लाइफ में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि सोलर डिहाइड्रेशन योजना से बिहार के किसानों को नया बाजार मिलेगा। वहीं सोलर बास्केट के अन्य संस्थापक एवं निदेशक अक्षय बमनोटे बताया कि योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को डिहाइड्रेशन प्रक्रिया, मानक संचालन प्रक्रिया, स्वच्छता, ग्रेडिंग, पैकेजिंग एवं गुणवत्ता नियंत्रण संबंधी प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। इसका उद्देश्य ऐसे उत्पाद तैयार करना है जो पैकेज्ड फूड इंडस्ट्री और निर्यात बाजार की गुणवत्ता आवश्यकताओं को पूरा कर सकें। बाजार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निर्वी फूड्स, पुणे चयनित डिहाइड्रेटेड फल एवं सब्जियों के लिए पांच वर्षों का बायबैक एग्रीमेंट करेगी। इससे किसानों एवं कृषि उद्यमियों को उत्पादों की बिक्री के लिए स्थायी और भरोसेमंद बाजार उपलब्ध होगा। नाबार्ड के सहयोग, डीएससीआरडी के प्रभावी क्रियान्वयन तथा सोलर बास्केट की तकनीकी विशेषज्ञता के माध्यम से यह पहल बिहार में सोलर डिहाइड्रेशन आधारित कृषि-प्रसंस्करण इकोसिस्टम के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
