झोपड़ी पर बुलडोज़र, लेकिन मॉल पर खामोशी क्यों?
सड़क पर ठेला हटता है, लेकिन शोरूम का सामान क्यों नहीं?कार्रवाई वहीं तेज़, जहाँ विरोध की आवाज़ कमजोर हो। फुटपाथ
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Read More🖋️ मनीश वर्मा ‘ मनु ‘ स्वतंत्र टिप्पणीकार और विचारक अधिकारी, भारतीय राजस्व सेवा सर्वदेव मंदिर के बहाने मेरे घ
Read Moreडॉ. प्रियंका सौरभ हालिया एलपीजी संकट ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना जैसी महत्वाकांक्षी कल्याणकारी पहलों की चमक धूमिल कर दी है।
Read More🖋️ मनीश वर्मा ‘ मनु ‘ स्वतंत्र टिप्पणीकार और विचारक अधिकारी, भारतीय राजस्व सेवा वैश्विक संकट और आम आदमी एक
Read More🖋️ मनीश वर्मा ‘ मनु ‘ स्वतंत्र टिप्पणीकार और विचारक अधिकारी, भारतीय राजस्व सेवा सोशल मीडिया और हम तब सोशल
Read Moreसेंसर, सिनेमा और हमारी सामूहिक जिम्मेदारी पर एक विचार डॉ. सत्यवान सौरभ आज के दौर में संगीत केवल मनोरंजन का
Read Moreसम्मान की आड़ में बढ़ता दिखावा, और संघर्षरत प्रतिभाओं की अनदेखी—क्या ये समारोह प्रेरणा हैं या केवल प्रभाव दिखाने का
Read More(क्या अनिवार्य अवकाश नीति महिलाओं के अधिकारों को सशक्त बनाती है या उनके पेशेवर अवसरों को सीमित करने का जोखिम
Read More(महंगाई और ऊर्जा संकट के दौर में परंपरागत सामुदायिक सहयोग से समाज को सशक्त बनाने की जरूरत) डॉ. प्रियंका सौरभ
Read More🖋️ मनीश वर्मा ‘ मनु ‘ स्वतंत्र टिप्पणीकार और विचारक अधिकारी, भारतीय राजस्व सेवा गरिमा के साथ जीवन के अंतिम
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